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एक॑ ए॒वाग्निर्ब॑हु॒धा समि॑द्ध॒ एक॒: सूर्यो॒ विश्व॒मनु॒ प्रभू॑तः । एकै॒वोषाः सर्व॑मि॒दं वि भा॒त्येकं॒ वा इ॒दं वि ब॑भूव॒ सर्व॑म् ॥

English Transliteration

eka evāgnir bahudhā samiddha ekaḥ sūryo viśvam anu prabhūtaḥ | ekaivoṣāḥ sarvam idaṁ vi bhāty ekaṁ vā idaṁ vi babhūva sarvam ||

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Pad Path

एकः॑ । ए॒व । अ॒ग्निः । ब॒हु॒धा । सम्ऽइ॑द्धः । एकः॑ । सूर्यः॑ । विश्व॑म् । अनु॑ । प्रऽभू॑तः । एका॑ । ए॒व । उ॒षाः । सर्व॑म् । इ॒दम् । वि । भा॒ति॒ । एक॑म् । वै॒ । इ॒दम् । वि । ब॒भू॒व॒ । सर्व॑म् ॥ ८.५८.२

Rigveda » Mandal:8» Sukta:58» Mantra:2 | Ashtak:6» Adhyay:4» Varga:29» Mantra:2 | Mandal:8» Anuvak:6» Mantra:2


HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

प्रभु की अद्भुत महिमा

Word-Meaning: - [१] (एक एव अग्निः) = एक ही अग्नि (बहुधा समिद्धः) = 'गार्हपत्य, आहवनीय व दक्षिणाग्निरूप' आदि से दीप्त होता है। (एकः सूर्यः) = एक ही सूर्य (विश्वम् अनु प्रभूतः) = सम्पूर्ण संसार के प्रति प्रभाववाला होता है। (एकः एव उषाः) = एक ही उषा (इदं सर्वम्) = इस सबको (विभाति) = दीप्त कर देती है- प्रकाशमय करनेवाली होती है। (एकं वा) = वह एक ही (सत्) = पदार्थ (इदं सर्वम्) = यह सब कुछ (विबभूव) = हो जाता है। एक ही प्रकृति कितने ही रूपों में विकृति को धारण करती है। [२] अग्नि के विविध रूपों का विचार करें तो उस अग्नि में ही प्रभु की महिमा दृष्टिगोचर होने लगती है। यह अग्नि ऑक्सीजन व हाईड्रोजन को मिलाकर पानी बना देती है और वही कालान्तर में उस जल को फाड़कर फिर गैसों का रूप दे देती है। सूर्य का विचार करें तो वहाँ भी प्रभु की अद्भुत महिमा दिखती है। कितनी दूरी तक इस सूर्याग्नि का संताप व प्रकाश पहुँचता है? उषा का अपना ही कुछ अद्भुत महत्त्व है। एक प्रकृति से कितने विविध पदार्थ बने जाते हैं? यह सब विचार हमें उस प्रभु की महिमा का स्मरण कराता है।
Connotation: - भावार्थ - एक ही अग्नि विविध कार्यों को करती हुई नानारूप धारण करती है। एक ही सूर्य विश्व को किस प्रकार प्राण व प्रकाश प्राप्त करा रहा है। उषा उदय होती हुई सब अन्धकार को दूर कर देती है। एक ही सत् प्रकृति उस कुशल कारीगर के हाथों सूर्य-चन्द्र आदि विविध रूपों में विकृत हो जाती है।

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - The nature of awareness in communion is this, and this same is the understanding of an intelligent soul: Only one Agni, fire, lighted in many ways, only one sun risen all over the world, only one dawn rising daily anew, lights this entire world, and only one universal spirit pervades this entire universe, the entire existence is one.