Go To Mantra
Viewed 372 times

हि॒र॒ण्यये॑न॒ रथे॑न द्र॒वत्पा॑णिभि॒रश्वै॑: । धीज॑वना॒ नास॑त्या ॥

English Transliteration

hiraṇyayena rathena dravatpāṇibhir aśvaiḥ | dhījavanā nāsatyā ||

Pad Path

हि॒र॒ण्यये॑न । रथे॑न । द्र॒वत्पा॑णिऽभिः । अश्वैः॑ । धीऽज॑वना । नास॑त्या ॥ ८.५.३५

Rigveda » Mandal:8» Sukta:5» Mantra:35 | Ashtak:5» Adhyay:8» Varga:7» Mantra:5 | Mandal:8» Anuvak:1» Mantra:35


SHIV SHANKAR SHARMA

फिर भी रथ का वर्णन करते हैं।

Word-Meaning: - (धीजवना) हे मन जैसे वेगवाले (नासत्या) हे असत्यरहित राजा तथा मन्त्रिदल ! (द्रवत्पाणिभिः) शीघ्रगामी चरणवाले (अश्वैः) घोड़े से युक्त (हिरण्ययेन) सुवर्णमय (रथेन) रथ से आप आवें ॥३५॥
Connotation: - बहुधा राजा का रथ स्वर्णमय होना चाहिये ॥३५॥

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (नासत्या) हे सत्यप्रतिज्ञ ! (धीजवना) मन के समान गतिवाले (हिरण्ययेन, रथेन) हिरण्मय रथ और (द्रवत्पाणिभिः, अश्वैः) शीघ्रगामी पैरोंवाले अश्वों द्वारा आप आवें ॥३५॥
Connotation: - हे सत्यप्रतिज्ञ ज्ञानयोगिन् तथा कर्मयोगिन् ! आप मन समान शीघ्रगामी सुवर्णमय रथ पर चढ़कर शीघ्र ही हमारे यज्ञ में सम्मिलित हों ॥३५॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

'शरीर, इन्द्रियों व बुद्धि' का परिमार्जन

Word-Meaning: - [१] हे (नासत्या) = सब असत्यों को दूर करनेवाले प्राणापानो! आप (हिरण्ययेन रथेन) = हितरमणीय व ज्योतिर्मय शरीर रथ से तथा (द्रवत् पाणिभिः) = कर्मों में शीघ्रता से प्रवृत्त हाथोंवाले (अश्वैः) = इन्द्रियाश्वों से धीजवना हमारे जीवनों में बुद्धि व कर्मों को प्रेरित करनेवाले हो । [२] प्राणसाधना से शरीर तेजस्वी बनता है, इन्द्रियाश्व स्फूर्तिवाले बनते हैं। शरीर में बुद्धि व कर्मों की प्रेरणा होती है।
Connotation: - भावार्थ- प्राणसाधना 'शरीर, इन्द्रियों व बुद्धि' को उत्तम बनाती है।

SHIV SHANKAR SHARMA

पुनरपि रथो वर्ण्यते।

Word-Meaning: - हे धीजवना=धियो मनसो जव इव जवो वेगो ययोस्तौ=हे मनोभामिनौ। हे नासत्या=नासत्यौ= असत्यरहितौ राजानौ। युवाम्। द्रवत्पाणिभिः= शीघ्रगमनचरणैः। अश्वैर्युक्तेन। हिरण्ययेन=सुवर्णमयेन। रथेन। आगच्छतमिति शेषः ॥३५॥

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (धीजवना) हे मनोवेगौ (नासत्या) सत्यप्रतिज्ञौ ! (हिरण्ययेन, रथेन) हिरण्मयेन यानेन (द्रवत्पाणिभिः, अश्वैः) शीघ्रगामिपदैरश्वैः आगच्छतम् ॥३५॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Ashvins, ever truthful and imperishable powers, flying at the speed of thought by a golden chariot running by the power of revolving hands (like pistons, cranks or turbines and motors), no one can obstruct your course of progress.