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दधा॑नो॒ गोम॒दश्व॑वत्सु॒वीर्य॑मादि॒त्यजू॑त एधते । सदा॑ रा॒या पु॑रु॒स्पृहा॑ ॥
English Transliteration
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dadhāno gomad aśvavat suvīryam ādityajūta edhate | sadā rāyā puruspṛhā ||
Pad Path
दधा॑नः । गोऽमत् । अश्व॑ऽवत् । सु॒ऽवीर्य॑म् । आ॒दि॒त्यऽजू॑तः । ए॒ध॒ते॒ । सदा॑ । रा॒या । पु॒रु॒ऽस्पृहा॑ ॥ ८.४६.५
Rigveda » Mandal:8» Sukta:46» Mantra:5
| Ashtak:6» Adhyay:4» Varga:1» Mantra:5
| Mandal:8» Anuvak:6» Mantra:5
SHIV SHANKAR SHARMA
Word-Meaning: - (अद्रिवः) हे महादण्डधारिन् ईश ! (सत्यम्) इसमें सन्देह नहीं कि (त्वाम्+हि) तुझको (इषाम्+दातारम्) अन्नों का दाता (विद्म) हम जानते हैं और (रयीणाम्+दातारम्) सम्पत्तियों का दाता तुझको (विद्म) जानते हैं ॥२॥
Connotation: - अन्नों और धनों का अधिपति और दाता ईश्वर को मान उसी की उपासना करो ॥२॥
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
आदित्यजूतः
Word-Meaning: - [१] (आदित्यजूतः) = सूर्य से प्रेरणा को प्राप्त करनेवाला व्यक्ति (गोमत्) = प्रशस्त ज्ञानेन्द्रियोंवाली, (अश्ववत्) = प्रशस्त कर्मन्द्रियोंवाली (सुवीर्यम्) = उत्तम शक्ति को (दधानः) = धारण करता है। सूर्य की तरह निरन्तर क्रियाशील जीवन बिताने से इन्द्रियाँ उत्तम शक्तिसम्पन्न बनती हैं। [२] यह व्यक्ति (सदा) = सदा (पुरुस्पृहा) = बहुतों से चाहने योग्य (राया) = ऐश्वर्य से (एधते) = बढ़ता है।
Connotation: - भावार्थ- सूर्य से प्रेरणा को प्राप्त करके निरन्तर क्रियाशील बननेवाला व्यक्ति प्रशस्त इन्द्रियों को, वीर्य (शक्ति) को तथा स्पृहणीय धन को प्राप्त करता है।
SHIV SHANKAR SHARMA
Word-Meaning: - हे अद्रिवः=दण्डधारिन् ईश ! त्वां हि। सत्यं=निश्चयम् इषामन्नानां दातारं विद्म। तथा रयीणां धनानां दातारम्। विद्म=जानीमः ॥२॥
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - Inspired and energised by Aditya, lord of light and enlightenment, blest with cows, lands and culture, horses, advancement and achievement, bearing courage and creative vitality of high order, he grows and goes forward with cherished wealth, honour and excellence.
