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अ॒ग्निर्मू॒र्धा दि॒वः क॒कुत्पति॑: पृथि॒व्या अ॒यम् । अ॒पां रेतां॑सि जिन्वति ॥

English Transliteration

agnir mūrdhā divaḥ kakut patiḥ pṛthivyā ayam | apāṁ retāṁsi jinvati ||

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Pad Path

अ॒ग्निः । मू॒र्धा । दि॒वः । क॒कुत् । पतिः॑ । पृ॒थि॒व्याः । अ॒यम् । अ॒पाम् । रेतां॑सि । जि॒न्व॒ति॒ ॥ ८.४४.१६

Rigveda » Mandal:8» Sukta:44» Mantra:16 | Ashtak:6» Adhyay:3» Varga:39» Mantra:1 | Mandal:8» Anuvak:6» Mantra:16


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SHIV SHANKAR SHARMA

Word-Meaning: - (अस्मिन्) इस (स्वध्वरे) हिंसारहित अथवा अहिंस्य (यज्ञे) ध्यानयज्ञ में (अग्निम्) सर्वाधार महेश की (आहुवे) स्तुति करता हूँ जो देव (ऊर्जः+नपातम्) बल और शक्ति का वर्धक है और (पावकशोचिषम्) पवित्र तेजोयुक्त है ॥१३॥
Connotation: - अध्वर और यज्ञ दोनों शब्द एकार्थक हैं, तथापि यहाँ विशेषणवत् अध्वर शब्द प्रयुक्त हुआ है। भाव इसका यह है कि ईश्वर बलदाता है, उसकी उपासना से महान् बल प्राप्त होता है ॥१३॥
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HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

अग्नि-प्रगतिशील जीव

Word-Meaning: - [१] गतमन्त्र के अनुसार जो अपने शरीरगृह में प्रभु का उपासन करता है वह (अग्निः) = अपने को आगे और आगे प्राप्त कराता है। आगे बढ़ता हुआ यह (मूर्धा) = शिखर पर पहुँचता है। (दिवः ककुत्) = यह ज्ञान के शिखर पर होता है-ज्ञानियों में श्रेष्ठ बनता है। (अयं) = यह (पृथिव्याः पति:) = इस शरीररूप पृथिवी का स्वामी होता है। [२] यह सब कुछ इसलिए कर पाता है क्योंकि यह (अपां) = जलों के साथ सम्बद्ध (रेतांसि) = शरीरस्थ रेतःकणों को [आपः रेतो भूत्वा] (जिन्वति) = शरीर में ही प्रेरित करता है। प्राणायाम आदि साधनों के द्वारा यह इन रेतःकणों की ऊर्ध्वगतिवाला होता है।
Connotation: - भावार्थ- हम प्रभु के उपासन से [क] आगे बढ़ते हुए शिखर पर पहुँचे [ख] 'ज्ञान के शिखर पर हों [ग] शरीर के रक्षक हों [घ] रेतःकणों को शरीर में ही ऊपर प्रेरित करनेवाले बनें।
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SHIV SHANKAR SHARMA

Word-Meaning: - स्वध्वरे=अन्यैरत्यन्तमहिंस्ये हिंसारहिते वा। अस्मिन् यज्ञे=ध्यानयज्ञे। अग्निं=सर्वाधारमीशमाहुवे=आह्वयामि स्तौमि। कीदृशम्। ऊर्जः=बलस्य। नपातं न पातयतीति नपातः। किन्तु बलस्य वर्धकमेव। पुनः। पावकशोचिषम्=पवित्रतेजस्कम् ॥१३॥
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DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - This Agni is the highest lord and master of all on top of heaven and earth and gives energy and sustenance to the seeds of life in the waters of the universe.