इ॒मे विप्र॑स्य वे॒धसो॒ऽग्नेरस्तृ॑तयज्वनः । गिर॒: स्तोमा॑स ईरते ॥
English Transliteration
Mantra Audio
ime viprasya vedhaso gner astṛtayajvanaḥ | giraḥ stomāsa īrate ||
Pad Path
इ॒मे । विप्र॑स्य । वे॒धसः॑ । अ॒ग्नेः । अस्तृ॑तऽयज्वनः । गिरः॑ । स्तोमा॑सः । ई॒र॒ते॒ ॥ ८.४३.१
Rigveda » Mandal:8» Sukta:43» Mantra:1
| Ashtak:6» Adhyay:3» Varga:29» Mantra:1
| Mandal:8» Anuvak:6» Mantra:1
Reads 358 times
SHIV SHANKAR SHARMA
Word-Meaning: - (नासत्या) हे असत्यरहित शुद्ध (अश्विना) अश्वयुक्त राजा और अमात्यगण ! (ग्रावाणः) निष्पाप या पाषाणवत् स्वकर्म में निश्चल और दृढ़ और (धीभिः) बुद्धियों से संयुक्त (विप्राः) ये मेधाविगण ! (सोमपीतये) जौ, गेहूँ, धान आदि पदार्थों को सुखपूर्वक भोगने के लिये (वाम्) आप लोगों के निकट (आ+अचुच्यवुः) पहुँचते हैं, (समे) सब (अन्यके) शत्रु (नभन्ताम्) नष्ट हो जाएँ ॥४॥
Connotation: - विद्वानों के ऊपर भी यदि कोई आपत्ति आवे तो वे भी राजा और अमात्यादि राज्य प्रबन्धकर्त्ताओं के निकट जावें और उनसे साहाय्य लेकर निखिल विघ्नों को नष्ट करें ॥४॥
Reads 358 times
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
'विप्र-वेधा- अग्नि अस्तृतयज्वा' प्रभु
Word-Meaning: - [१] (इमे) = ये (स्तोमासः) = स्तुतियुक्त मन्त्रों द्वारा स्तुति करनेवाले उपासक लोग (अग्नेः) = उस अग्रणी प्रभु की (गिरः) = स्तुतिवाणियों का ईरते उच्चारण करते हैं। [२] उन प्रभु की स्तुतिवाणियों का उच्चारण करते हैं जो (विप्रस्य) = विशेषरूप से सबका पूरण करनेवाले ज्ञानी हैं। (वेधसः) = जगत के (विधाता) = निर्माण करनेवाले हैं। (अस्तृतयज्वनः) = यज्ञशील पुरुषों को नष्ट न होने देनेवाले हैं।
Connotation: - भावार्थ- हम उस प्रभु की स्तुतिवाणियों का उच्चारण करें, जो 'विप्र-वेधाः- अग्नि व अस्तृतयज्वा ' हैं।
Reads 358 times
SHIV SHANKAR SHARMA
Word-Meaning: - हे नासत्या=नासत्यौ=असत्यरहितौ शुद्धौ। अश्विना=अश्वयुक्तौ राजामात्यौ। ग्रावाणः=निष्पापाः। यद्वा पाषाणवत् स्वकर्मणि निश्चला दृढा पुनः धीभिः संयुक्ताः। इमे विप्राः। सोमपीतये=सोमानां गोधूमादिपदार्थानां भोगाय। वां=युवाम्। आ+अचुच्यवुः=अभिगच्छन्ति। समे=सर्वे। अन्यके=अन्ये शत्रवः। नभन्ताम्=नश्यन्तु ॥४॥
Reads 358 times
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - These swelling notes of the songs of adoration in honour of Agni, light of life, sung by the vibrant, learned and dedicated sage of indefatigable faith and yajnic service resound in space all round.
