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मि॒त्रावरु॑णवन्ता उ॒त धर्म॑वन्ता म॒रुत्व॑न्ता जरि॒तुर्ग॑च्छथो॒ हव॑म् । स॒जोष॑सा उ॒षसा॒ सूर्ये॑ण चादि॒त्यैर्या॑तमश्विना ॥

English Transliteration

mitrāvaruṇavantā uta dharmavantā marutvantā jaritur gacchatho havam | sajoṣasā uṣasā sūryeṇa cādityair yātam aśvinā ||

Pad Path

मि॒त्रावरु॑णऽवन्तौ । उ॒त । धर्म॑ऽवन्ता । म॒रुत्व॑न्ता । ज॒रि॒तुः । ग॒च्छ॒थः॒ । हव॑म् । स॒ऽजोष॑सौ । उ॒षसा॑ । सूर्ये॑ण । च॒ । सोम॑म् । पि॒ब॒त॒म् । अ॒श्वि॒ना॒ ॥ ८.३५.१३

Rigveda » Mandal:8» Sukta:35» Mantra:13 | Ashtak:6» Adhyay:3» Varga:16» Mantra:1 | Mandal:8» Anuvak:5» Mantra:13


SHIV SHANKAR SHARMA

Word-Meaning: - (अश्विनौ) हे राजन् ! तथा मन्त्रिमण्डल ! आप (मित्रावरुणवन्ता) ब्राह्मण और क्षत्रिय दोनों दलों से युक्त हैं (उत) और (धर्मवन्ता) धर्म से युक्त हैं और (मरुत्वन्ता) वैश्यों से यद्वा इन्द्रियों से युक्त हैं। वे आप (जरितुः) गुणों के गानेवाले के (हवम्) निवेदन को सुनने के लिये जाएँ। पुनः आप (उषसा) मृदुता से और (सूर्य्येण) तीक्ष्णता से (सजोषसा) सम्मिलित हैं, वे आप (आदित्यैः) सूर्य्यवत् प्रकाशित महापुरुषों के साथ शुभ कर्मों में (यातम्) जाया करें ॥१३॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

मित्र-वरुण-धर्म-मरुत्

Word-Meaning: - [१] हे (अश्विना) = प्राणापानो! आप (मित्रावरुणवन्ता) = मित्र और वरुणवाले हो, स्नेह व निर्दोषता के भाववाले हो । (उत) = और (धर्मवन्ता) = धर्मोंवाले हो, धारणात्मक कर्मोंवाले हो । (मरुत्वन्ता) = शरीरस्थ विविध वायुवोंवाले होते हुए आप (जरितुः) = स्तोता की (हवम्) = पुकार को (गच्छथः) = जाते हो। अर्थात् स्तोता की प्रार्थना को स्वीकार करके उसे प्राप्त होते हो। [२] (उषसा सूर्येण च सजोषसा) = उषा और सूर्य के साथ प्रीतिपूर्वक सेवन किये जाते हुए आप (आदित्यैः) = आदित्यों के साथ (यातम्) = गति करते हो ।
Connotation: - भावार्थ- प्राणसाधना से हमारे में [क] स्नेह व निर्देषता के भाव बढ़ते हैं, [ख] धर्म वृद्धि होती है, [ग] शरीर में सब वायुवें ठीक काम करती हैं, [घ] हमारा जीवन आदित्यों अनुसार बनता है।

SHIV SHANKAR SHARMA

Word-Meaning: - हे राजानौ ! युवाम्। मित्रावरुणवन्ता स्थः मित्रेण=ब्राह्मणदलेन। वरुणेन=क्षत्रियवर्गेण च युक्तौ स्थः। तथा धर्मवन्ता धर्मयुक्तौ स्थाः। अपि च। मरुत्वन्ता मरुद्भिः वैश्यैः प्राणैरिन्द्रियैर्वा युक्तौ स्थः। तौ युवाम्। जरितुर्गुणानां स्तोतुर्हवमाह्वानं प्रति। गच्छथः। युवां उषसा सूर्येण च सजोषसा संगतौ सन्तौ। आदित्यैः=सूर्य्यसमैः जनैः सह यातं गच्छतं सर्वकर्मसु ॥१३॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Ashvins, complementary powers of the nation’s social dynamics in balance for the march ahead, blest with Mitra, people of love and friendship, Varuna, distinguished people of judgement and discrimination, Maruts, vibrant youth and pilots of the nation, all holding on to Dharma, duty in the law of universal truth, listen and rise to the call of the celebrant. O twin divines, come with the Adityas, the sun in progressive zodias, and in unison with the sun and the dawn of every new day.