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अत्रा॒ वि ने॒मिरे॑षा॒मुरां॒ न धू॑नुते॒ वृक॑: । दि॒वो अ॒मुष्य॒ शास॑तो॒ दिवं॑ य॒य दि॑वावसो ॥

English Transliteration

atrā vi nemir eṣām urāṁ na dhūnute vṛkaḥ | divo amuṣya śāsato divaṁ yaya divāvaso ||

Pad Path

अत्र॑ । वि । ने॒मिः । ए॒षा॒म् । उरा॑म् । न । धू॒नु॒ते॒ । वृकः॑ । दि॒वः । अ॒मुष्य॑ । शास॑तः । दिव॑म् । य॒य । दि॒वा॒व॒सो॒ इति॑ दिवाऽवसो ॥ ८.३४.३

Rigveda » Mandal:8» Sukta:34» Mantra:3 | Ashtak:6» Adhyay:3» Varga:11» Mantra:3 | Mandal:8» Anuvak:5» Mantra:3


HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

अनुशासन

Word-Meaning: - [१] (अत्रा) = यहाँ ब्रह्मचर्याश्रम में, गत मन्त्र का सोमी आचार्य (एषाम्) = इन विद्यार्थियों का (विनेमिः) = विशेषरूप से परिधि बनता है। इनको उचित अनुशासन में रखता हुआ इन्हें मार्ग से विचलित नहीं होने देता। अनुशासन में रखनेवाला आचार्य शास्ता है, विद्यार्थी 'शिष्य' है। आचार्य इनकी वासनाओं को इस प्रकार (धूनुते) = कम्पित करके दूर कर देता है (न) = जैसे (वृकः) = भेड़िया (उराम्) = भेड़ को कम्पित करनेवाला होता है। [२] हे ज्ञानधन शिष्य ! तू उस शासक प्रकाशमय प्रभु के ज्ञान को प्राप्त कर ।
Connotation: - भावार्थ-आचार्य विद्यार्थियों को अनुशासन में रखता हुआ उनको मर्यादा में चलाता है। इनकी वासनाओं को कम्पित करके दूर करता है। ज्ञान धन को प्राप्त कराता है।

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Here the very edge and foundation of these sages of knowledge and wisdom would shake you and reveal you to yourself as thunder shakes the earth and lightning lights it up all over. And then from the light and thunder of these commanders you would rise, liberated, to your own heights of heaven, O lover and ruler of the light of day.