Go To Mantra
Viewed 2327 times

इन्द्र॑श्चिद्घा॒ तद॑ब्रवीत्स्त्रि॒या अ॑शा॒स्यं मन॑: । उ॒तो अह॒ क्रतुं॑ र॒घुम् ॥

English Transliteration

indraś cid ghā tad abravīt striyā aśāsyam manaḥ | uto aha kratuṁ raghum ||

Pad Path

इन्द्रः॑ । चि॒त् । घ॒ । तत् । अ॒ब्र॒वी॒त् । स्त्रि॒याः । अ॒शा॒स्यम् । मनः॑ । उ॒तो इति॑ । अह॑ । क्रतु॑म् । र॒घुम् ॥ ८.३३.१७

Rigveda » Mandal:8» Sukta:33» Mantra:17 | Ashtak:6» Adhyay:3» Varga:10» Mantra:2 | Mandal:8» Anuvak:5» Mantra:17


HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

अशास्यं मनः, ऋतुं रघुम्

Word-Meaning: - इन (इन्द्र:) = प्रभु ने (चित्) = ही (घा) = निश्चय से (तद् अब्रवीत्) = वह बात कही है कि (स्त्रियाः) = स्त्री का (मनः) = मन (अशास्यम्) = शासन करने योग्य नहीं। पति को यह नहीं चाहिये कि पत्नी के मन पर शासन ही करता रहे। पत्नी के मन को मारना नहीं चाहिए। ऐसा करने से सन्तान कभी सुरूप नहीं होती। (उत) = और (उ) = निश्चय से प्रभु ने ही इनके (क्रतुम्) = प्रज्ञान को (रघुम्) = [रहतेर्गतिकर्मणः] गतिवाला क्रियात्मक अह ही [अब्रवीत् = ] कहा है। स्त्रियों की प्रज्ञा क्रियात्मक होती है। वे प्रत्येक चीज का कोई न कोई उपाय ढूँढ़ ही लेती हैं।
Connotation: - भावार्थ - एक उत्तम पति को पत्नी का मन मारना नहीं चाहिए। उसे यह भी समझ लेना चाहिए कि इनकी बुद्धि क्रियात्मक होती है। ये प्रत्येक समस्या का कोई न कोई मार्ग निकाल लेती हैं।

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - If Indra, the husband, were to say: “The mind of woman is not controllable” and, also, “that her thought and intellect too is inferior”, (then it is less than half the truth).