Go To Mantra
Viewed 359 times

य उ॒द्नः फ॑लि॒गं भि॒नन्न्य१॒॑क्सिन्धूँ॑र॒वासृ॑जत् । यो गोषु॑ प॒क्वं धा॒रय॑त् ॥

English Transliteration

ya udnaḥ phaligam bhinan nyak sindhūm̐r avāsṛjat | yo goṣu pakvaṁ dhārayat ||

Pad Path

यः । उ॒द्नः । फ॒लि॒ऽगम् । भि॒नत् । न्य॑क् । सिन्धू॑न् । अ॒व॒ऽअसृ॑जत् । यः । गोषु॑ । प॒क्वम् । धा॒रय॑त् ॥ ८.३२.२५

Rigveda » Mandal:8» Sukta:32» Mantra:25 | Ashtak:6» Adhyay:3» Varga:5» Mantra:5 | Mandal:8» Anuvak:5» Mantra:25


HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

प्रभु के आश्चर्यकारक कर्म

Word-Meaning: - [१] गत मन्त्र के अनुसार तू उस प्रभु का हृदय में धारण कर [भर] (यः) = जो (उद्नः) = जल के हेतु से (फलिगम्) = मेघ को [विशीर्ण होकर इधर-उधर गति करनेवाला फल् + गम् ] (भिनत्) = विदीर्ण करता है। इसे विदीर्ण करके (न्यक्) = नीचे (सिन्धून्) = जल-प्रवाहों को (अवासृजत्) = उत्पन्न करता है। [२] उस प्रभु का धारण कर (यः) = जो गोषु गौओं में (पक्वम्) = परिपक्व दूध को (धारयत्) = धारण करते हैं। गोस्तन से वे बाहिर आता हुआ दूध खूब उष्णता को लिये हुए होता है। इस प्रभु के धारण से ही हम शरीर में सोम का रक्षण कर सकेंगे।
Connotation: - भावार्थ- 'मेघों का विदारण, जलप्रवाहों की सृष्टि व गौवों से उष्ण दुग्ध की प्राप्ति' ये सब बातें ही हमें आश्चर्य में डाल देती हैं और प्रभु की महिमा का स्मरण कराती हैं।

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Indra breaks the clouds of rain, releases the waters for the rivers to flow down to the sea, and provides mature milk in the cows, knowledge and wisdom in the words of language and ripe grain in the fields of earth.