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स न॑: श॒क्रश्चि॒दा श॑क॒द्दान॑वाँ अन्तराभ॒रः । इन्द्रो॒ विश्वा॑भिरू॒तिभि॑: ॥

English Transliteration

sa naḥ śakraś cid ā śakad dānavām̐ antarābharaḥ | indro viśvābhir ūtibhiḥ ||

Pad Path

सः । नः॒ । श॒क्रः । चि॒त् । आ । श॒क॒त् । दान॑ऽवान् । अ॒न्त॒र॒ऽआ॒भ॒रः । इन्द्रः॑ । विश्वा॑भिः । ऊ॒तिऽभिः॑ ॥ ८.३२.१२

Rigveda » Mandal:8» Sukta:32» Mantra:12 | Ashtak:6» Adhyay:3» Varga:3» Mantra:2 | Mandal:8» Anuvak:5» Mantra:12


HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

'शक्र दान-वान्' प्रभु

Word-Meaning: - [१] (सः) = वे प्रभु (शक्रः) = शक्तिशाली हैं (नः) = हमें (चित्) = भी (आशकत्) = सब प्रकार से शक्तिशाली बनाते हैं। (दान-वान्) = वे प्रभु सब कुछ देनेवाले हैं [दा दाने] अथवा शत्रुओं का खण्डन करनेवाले हैं, [दाप लवने] । (अन्तः आभरः) = वे प्रभु हमें अपने अन्दर धारण करते हैं। [२] (इन्द्रः) = वे सब शत्रुओं का विद्रावण करनेवाले परमैश्वर्यशाली प्रभु (विश्वाभिः ऊतिभिः) = सब रक्षणों के द्वारा हमारा भरण व पोषण करते हैं।
Connotation: - भावार्थ- वे प्रभु हमें शक्तिशाली बनाते हैं, हमारे लिये सब कुछ देते हैं। सब रक्षणों के साथ हमारा भरण व पोषण करते हैं।

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - The Lord Almighty strengthens us, is generous, and enriches our inner self with vision and love and with all strength and modes of protection and progress.