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ऐतु॑ पू॒षा र॒यिर्भग॑: स्व॒स्ति स॑र्व॒धात॑मः । उ॒रुरध्वा॑ स्व॒स्तये॑ ॥

English Transliteration

aitu pūṣā rayir bhagaḥ svasti sarvadhātamaḥ | urur adhvā svastaye ||

Pad Path

आ । ए॒तु॒ । पू॒षा । र॒यिः । भगः॑ । स्व॒स्ति । स॒र्व॒ऽधात॑मः । उ॒रुः । अध्वा॑ । स्व॒स्तये॑ ॥ ८.३१.११

Rigveda » Mandal:8» Sukta:31» Mantra:11 | Ashtak:6» Adhyay:2» Varga:40» Mantra:1 | Mandal:8» Anuvak:5» Mantra:11


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SHIV SHANKAR SHARMA

Word-Meaning: - (रयिः) सब जीवों को स्वस्वकर्मानुसार फल देनेवाला (भगः) सब का सेव्य तथा (सर्वधातमः) अपने आधार से सब पदार्थ को धारण करनेवाला (पूषा) पोषणकर्ता परमात्मा (स्वस्ति) कल्याण के साथ (ऐतु) हम उपासकों के निकट आवे। उसके आने के पश्चात् (अध्वा) हम लोगों का मार्ग (स्वस्तये) कल्याण के लिये (उरुः) विस्तीर्ण होवे ॥११॥
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HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

विशाल मार्ग

Word-Meaning: - [१] (रयिः) = धनों का देनेवाला, (भगः) = भजनीय, (सर्वधातमः) = सबका धारण करनेवाला (पूषा) = पोषक देव (आ एतु) = हमें सर्वथा प्राप्त हो और (स्वस्त) = हमारा कल्याण हो। [२] (उरुः अध्वा) = विशाल मार्ग (स्वस्तये) = हमारे अविनाश के लिये हो। हम संकुचित मार्ग से न चलते हुए विशाल मार्ग से चलें।
Connotation: - भावार्थ- हमें पोषक प्रभु प्राप्त हों। उनके प्राप्त होने पर हम सदा विशाल मार्ग का ही आक्रमण करेंगे। यह विशाल मार्ग पर चलना हमारे अविनाश का कारण बनेगा।
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SHIV SHANKAR SHARMA

Word-Meaning: - सर्वं पुष्णाति दधातीति पूषा परमात्मा, ऐतु अस्मान् उपासकान् प्रति आगच्छतु। कीदृशः। रयिः। राति जीवेभ्यः स्वस्वकर्मानुसारेण फलानि ददातीति रयिः परमदाता। पुनः। भगो भजनीयः सेवनीयः। पुनः सर्वधातमः सर्वेषां धातृतमः। आधारेण सर्वपदार्थानां धारयितृतमः। ईदृक् सः। स्वस्ति कल्याणं करोतु। तस्मिन् आगते। अस्माकम्। स्वस्तये कल्याणाय अध्वा गमनमार्गः। उरु विस्तीर्णो निरुपद्रवो भवतु ॥११॥
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DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Come Pusha, lord of health and nurture, Bhaga, gracious lord of wealth and power, wielder and controller of all power and prosperity for happiness and well being, and may our path of progress be wide open for all round happiness and well being.