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उदु॒ त्ये मधु॑मत्तमा॒ गिर॒: स्तोमा॑स ईरते । स॒त्रा॒जितो॑ धन॒सा अक्षि॑तोतयो वाज॒यन्तो॒ रथा॑ इव ॥

English Transliteration

ud u tye madhumattamā giraḥ stomāsa īrate | satrājito dhanasā akṣitotayo vājayanto rathā iva ||

Pad Path

उत् । ऊँ॒ इति॑ । त्ये । मधु॑मत्ऽतमाः । गिरः॑ । स्तोमा॑सः । ई॒र॒ते॒ । स॒त्रा॒ऽजितः॑ । ध॒न॒ऽसाः । अक्षि॑तऽऊतयः । वा॒ज॒यन्तः॑ । रथाः॑ऽइव ॥ ८.३.१५

Rigveda » Mandal:8» Sukta:3» Mantra:15 | Ashtak:5» Adhyay:7» Varga:27» Mantra:5 | Mandal:8» Anuvak:1» Mantra:15


SHIV SHANKAR SHARMA

पुनः उस विषय को कहते हैं।

Word-Meaning: - हे इन्द्र ! विद्वानों के (ते) वे सुप्रसिद्ध (मधुमत्तमाः) अतिशय मधुर (गिरः) प्रतिदिन प्रयुक्त गद्यरूप वचन तथा (स्तोमासः) पद्यबद्ध स्तोत्र (उद्+ईरते) आपके उद्देश से ऊपर जाते हैं अर्थात् विद्वान् जन आपको ऊपर देखते हुए गद्यपद्यमय वचनों से आपकी ही स्तुति करते हैं। इसमें दृष्टान्त देते हैं (सत्राजितः) साथ-साथ जीतनेवाले (धनसाः) धनप्रद तथा (अक्षितोतयः) निरन्तर रक्षक (रथाः) विमानरूप रथ (इव) जैसे ऊर्ध्वगमन करते हैं। तद्वत् ॥१५॥
Connotation: - हे भगवन् ! धन्य वे विद्वान् हैं, जो तेरे व्रतों को पालते हुए तेरी ही कीर्ति को गद्यपद्य द्वारा प्रचलित करते हैं। वे ही समाजों में उठते हैं और वे ही लौकिक और वैदिक फल पाते हैं ॥१५॥

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (त्ये, मधुमत्तमाः, गिरः) वे आपके लिये मधुर वाणियें और (स्तोमासः) स्तोत्र (उ, उदीरते) निकल रहे हैं, जिस प्रकार (सत्राजितः) साथ जीतनेवाले (धनसाः) धन चाहनेवाले (अक्षितोतयः) दृढ़ रक्षावाले (वाजयन्तः) बल चाहनेवाले (रथाः, इव) रथ निकलते हैं ॥१५॥
Connotation: - हे कर्मयोगिन् ! जिस प्रकार संग्राम में विजयप्राप्त करनेवाले, धन की इच्छावाले, दृढ़ रक्षावाले, बल की चाहनावाले रथ समान उद्देश्य को लेकर शीघ्रता से निकलते हैं, इसी प्रकार मधुर वाणियों द्वारा स्तोता लोग समान उद्देश्य से आपकी स्तुति गायन कर रहे हैं, हे प्रभो ! आप उनको ऐश्वर्य्यसम्पन्न करें ॥१५॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

सदा विजयी

Word-Meaning: - [१] (त्ये) = वे (स्तोमासः) = स्तुति करनेवाले लोग (उ) = निश्चय से (मधुमत्तमाः) = जीवन को अत्यन्त मधुर बनानेवाली (गिरः) = ज्ञान की वाणियों का (उद् ईरते) = उच्चारण करते हैं। [२] इन ज्ञान की वाणियों का उच्चारण करनेवाले ये स्तोता लोग (सत्राजितः) = सदा विजयी, (धनसाः) = उत्तम धनों को प्राप्त करनेवाले, (अक्षित उत्तमः) = अक्षीण रक्षणोंवाले तथा (रथाः इव) = महारथियों के समान (वाजयन्तः) = संग्राम में शक्तिशाली पुरुष की तरह आचरण करते हैं।
Connotation: - भावार्थ- स्तोता लोग मधुर ज्ञान की वाणियों का उच्चारण करते हैं। परिणामतः सदा विजयी, धनैश्वर्यवाले, सुरक्षित जीवनवाले तथा महारथियों के समान संग्राम करते हुए होते हैं।

SHIV SHANKAR SHARMA

पुनस्तमर्थमाह।

Word-Meaning: - विदुषाम्। त्ये=ते=ताः प्रसिद्धाः। मधुमत्तमाः=अतिशयेन मधुमत्यः। गिरः=सत्याः पदबद्धा वाण्यः। तथा। स्तोमासः=स्तोमाश्छन्दोबद्धानि स्तोत्राणि। त्वामुद्दिश्य। उदीरते=ऊर्ध्वं गच्छन्ति। विद्वांसः खलु त्वामूर्ध्वमवलोकयन्तो गद्यैः पद्यैश्च प्रार्थयन्त इत्यर्थः। अत्र दृष्टान्तः। सत्राजितः=सह शत्रून् जयन्ति ये ते। पुनः। धनसाः=धनानि सुन्वन्ति विभाजयन्ति ये ते धनसाः। वन षण संभक्तौ। जनसनखनक्रमगमो विट्। विड्वनोरनुनासिकस्यादित्यात्वम्। पुनः=अक्षितोतयः= अक्षिता अक्षया ऊतयो रक्षा येषां तेऽक्षितोतयः। ईदृशाः। रथा इव=विमाना इव। ते यथोर्ध्वं गच्छन्ति। तद्वत् ॥१५॥

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (त्ये, मधुमत्तमाः, गिरः) ते मधुरतमा वाचः (स्तोमासः) स्तोत्राणि, च (उ, उदीरते) उद्गच्छन्ति (सत्राजितः) सहजेतारः (धनसाः) धनमिच्छन्तः (अक्षितोतयः) सत्यरक्षावन्तः (वाजयन्तः) बलमिच्छन्तः (रथाः, इव) रथा यथा निर्गच्छन्ति तद्वत् ॥१५॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - The sweetest of honeyed songs of praise and vibrations of homage rise to you flying like victorious, unviolated and invincible chariots laden with gold heading for higher destinations.