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आ ना॒र्यस्य॒ दक्षि॑णा॒ व्य॑श्वाँ एतु सो॒मिन॑: । स्थू॒रं च॒ राध॑: श॒तव॑त्स॒हस्र॑वत् ॥

English Transliteration

ā nāryasya dakṣiṇā vyaśvām̐ etu sominaḥ | sthūraṁ ca rādhaḥ śatavat sahasravat ||

Pad Path

आ । ना॒र्यस्य॑ । दक्षि॑णा । विऽअ॑श्वान् । ए॒तु॒ । सो॒मिनः॑ । स्थू॒रम् । च॒ । राधः॑ । श॒तऽव॑त् । स॒हस्र॑ऽवत् ॥ ८.२४.२९

Rigveda » Mandal:8» Sukta:24» Mantra:29 | Ashtak:6» Adhyay:2» Varga:20» Mantra:4 | Mandal:8» Anuvak:4» Mantra:29


SHIV SHANKAR SHARMA

प्रार्थना दिखलाते हैं।

Word-Meaning: - (नार्य्यस्य) नरहितकारक ईश्वर का दान सोमादि लताओं के तत्त्वज्ञों और (व्यश्वान्) जितेन्द्रिय पुरुषों को (एतु) प्राप्त हो (च) और (शतवत्+सहस्रवत्) शतशः और सहस्रशः (स्थूरम्) पश्वादि स्थूल और ज्ञानादि सूक्ष्म (राधः) धन उनको प्राप्त हों ॥२९॥
Connotation: - जो पदार्थतत्त्वविद् हों, उनका साहाय्य करना सबका धर्म होना चाहिये, जिससे वे सुखी रहकर नाना विद्याएँ प्रकाशित कर देश की शोभा बढ़ा सकें ॥२९॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

'व्यश्व सोमी' के लिये दान

Word-Meaning: - [१] (नार्यस्य) = अतिशयेन नरहितकारी पुरुष [नर्यस्य अपत्यम्] की (दक्षिणा) = दान (व्यश्वान्) = विशिष्ट इन्द्रियाश्ववाले (सोमिनः) = सोमरक्षक पुरुषों को (आ एतु) = सर्वथा प्राप्त हो। गत मन्त्र का 'वरु' ही यहाँ नार्य है। यह उन पुरुषों के लिये दान करता है जो उत्तम इन्द्रियाश्वोंवाले व सोमरक्षक [संयमी जीवनवाले] हैं। [२] इन दानों से नार्य का धन घट नहीं जाता। अपितु उसका (राधः) = ऐश्वर्य (स्थूरम्) = [स्थूलं] और अधिक बढ़ा हुआ (शतवत्) = सैंकड़ों की संख्यावाला (च) = व (सहस्त्रवत्) = सहस्रों की संख्यावाला होता है।
Connotation: - भावार्थ- हम परोपकार की वृत्तिवाले बनकर उत्तम इन्द्रियोंवाले संयमी पुरुषों के लिये दान को दें। हमारा यह दिया हुआ दान हमारे ऐश्वर्य को सैंकड़ों व हजारों गुणा बढ़ानेवाला होगा।

SHIV SHANKAR SHARMA

प्रार्थनां दर्शयति।

Word-Meaning: - नार्य्यस्य=नरहितकारकस्येश्वरस्य। दक्षिणा=दानम्। सोमिनः=सोमादिलतातत्त्वज्ञानम्। व्यश्वान्=जितेन्द्रियान्। एतु=प्राप्नोतु। च=पुनः। शतवत्+सहस्रवत्= नानाविधानन्तवस्तुयुक्तम्। स्थूरम्=स्थूलं सूक्ष्मञ्च। राधः=धनम्। तानेतु ॥२९॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - May the gifts of soma celebrants and generous lovers of mankind reach the dynamic sages of mental and moral discipline who may also get gifts of permanent assets in hundreds and thousands.