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ये ते॑ सरस्व ऊ॒र्मयो॒ मधु॑मन्तो घृत॒श्चुत॑: । तेभि॑र्नोऽवि॒ता भ॑व ॥

English Transliteration

ye te sarasva ūrmayo madhumanto ghṛtaścutaḥ | tebhir no vitā bhava ||

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Pad Path

ये । ते॒ । स॒र॒स्वः॒ । ऊ॒र्मयः॑ । मधु॑ऽमन्तः । घृ॒त॒ऽश्चुतः॑ । तेभिः॑ । नः॒ । अ॒वि॒ता । भ॒व॒ ॥ ७.९६.५

Rigveda » Mandal:7» Sukta:96» Mantra:5 | Ashtak:5» Adhyay:6» Varga:20» Mantra:5 | Mandal:7» Anuvak:6» Mantra:5


ARYAMUNI

अब ज्ञान को स्रोतरूप से वर्णन करते हैं।

Word-Meaning: - (सरस्वः) हे सरस्वः “मतुवसो रु संबुद्धौ छन्दसि” (ये) जो (ते) तुम्हारी (ऊर्मयः) लहरें हैं, (मधुमन्तः) वे बड़ी मीठी (घृतश्चुतः) और जिनमें से नाना प्रकार के स्रोत बह रहे हैं, “घृतमिति उदकनामसु पठितम्।” निघ०  १।१२॥ (तेभिः) उनसे (नः) हमारे (अविता) तुम रक्षक (भव) बनो ॥५॥
Connotation: - परमात्मा उपदेश करते हैं कि हे मनुष्यों ! ब्रह्मविद्यारूपी सरित् की लहरें अत्यन्त मीठी है और आप विद्याप्राप्ति के लिये सदैव यह विनय किया करें कि वह विद्या अपने विचित्र भावों से आपकी रक्षक बने ॥५॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

रक्षक ईश्वर

Word-Meaning: - पदार्थ - हे (सरस्वः) = ज्ञान और बलशालिन् ! (ते) = तेरे (ये) जो (मधुमन्तः) = जल, अन्नादि युक्त (घृतच्युतः) = स्नेह और जल (प्रदाता उर्मयः) = उतम तरङ्गवत् उत्कृष्ट मार्ग से जानेवाले विद्वान्, सूर्यमेघादि हैं (तेभिः) = उनसे तू (नः) = हमारा (अविता) = रक्षक (भव) = हो ।
Connotation: - भावार्थ- ईश्वर उत्तम ज्ञान, बल, अन्न, जल, नदी, सूर्य, मेघ आदि को रचकर हमारी रक्षा करता है। इनके बिना जीवों के जीवन नहीं चल सकते।

ARYAMUNI

अथ ज्ञानं स्रोतोरूपेण वर्ण्यते।

Word-Meaning: - (सरस्वः) हे सरस्वः ! (ये, ते) ये तव (मधुमन्तः) मधुराः (घृतश्चुतः) मसृणाः अनेकस्रोतसः (ऊर्मयः) वीचयः (तेभिः) तैः (नः) अस्माकं (अविता) रक्षिता (भव) एधि ॥५॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - O divine ocean of the eternal flow of existence and the cosmic light of omniscience, be our light giver and saviour with waves of the honey sweets of nectar and the radiance of light divine.