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ता वां॑ गी॒र्भिर्वि॑प॒न्यव॒: प्रय॑स्वन्तो हवामहे । मे॒धसा॑ता सनि॒ष्यव॑: ॥

English Transliteration

tā vāṁ gīrbhir vipanyavaḥ prayasvanto havāmahe | medhasātā saniṣyavaḥ ||

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Pad Path

ता । वा॒म् । गीः॒ऽभिः । वि॒प॒न्यवः॑ । प्रय॑स्वन्तः । ह॒वा॒म॒हे॒ । मे॒धऽसा॑ता । स॒नि॒ष्यवः॑ ॥ ७.९४.६

Rigveda » Mandal:7» Sukta:94» Mantra:6 | Ashtak:5» Adhyay:6» Varga:17» Mantra:6 | Mandal:7» Anuvak:6» Mantra:6


ARYAMUNI

Word-Meaning: - (सनिष्यवः) अभ्युदय चाहनेवाले (विपन्यवः) साहित्य चाहनेवाले हम (प्रयस्वन्तः) अनुष्ठानी बन कर (ता, वां) कर्मयोगी और ज्ञानयोगी को (मेधसाता) अपने यज्ञों में (गीर्भिः) अपनी नम्र वाणियों से (हवामहे) बुलाते हैं, ताकि वे आकर हमको सदुपदेश करें ॥६॥
Connotation: - संसार में अभ्युदय और शोभन साहित्य उन्हीं लोगों का बढ़ता है, जो लोग अपने यज्ञों में सदुपदेष्टा कर्मयोगी और ज्ञानयोगियों को बुलाकर सदुपदेश सुनते हैं ॥६॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

राष्ट्र की समृद्धि

Word-Meaning: - पदार्थ- हम (वपन्यवः) = विविध व्यवहारोंवाले, (प्रयस्वन्तः) = प्रयास वा उद्योगशील और अन्यों को (सनिष्यवः) = वृत्तिदाता (ता वां) = उन आप दोनों इन्द्र, अग्नि जनों को ही (मेघ-साता) = यज्ञ और संग्राम के लिये (गीर्भिः) = नाना वाणियों से (हवामहे) = बुलाते हैं।
Connotation: - भावार्थ- राजा अपने राष्ट्र में विविध प्रकार के उद्योगों व सरकारी सेवा के अवसरों को बढ़ावे। राष्ट्र में यज्ञों के आयोजन तथा सैनिक प्रशिक्षण भी बहुलता से कराए जावें।

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (सनिष्यवः) आत्मानमुन्निनीषवः (विपन्यवः) साहित्यमिच्छन्तश्च वयं (प्रयस्वन्तः) प्रयत्नवन्तो भूत्वा (ता, वाम्) कर्मज्ञानोभययोगिनं (मेधसाता) स्वयज्ञेषु (गीर्भिः) स्वनम्रवाग्भिः (हवामहे) आह्वयामः सदुपदेशार्थम् ॥६॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - With songs of praise, bearing homage and havi for the holy fire, we invoke and invite you to our yajna in search of higher initiative and further self advancement.