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प्र वी॑र॒या शुच॑यो दद्रिरे वामध्व॒र्युभि॒र्मधु॑मन्तः सु॒तास॑: । वह॑ वायो नि॒युतो॑ या॒ह्यच्छा॒ पिबा॑ सु॒तस्यान्ध॑सो॒ मदा॑य ॥

English Transliteration

pra vīrayā śucayo dadrire vām adhvaryubhir madhumantaḥ sutāsaḥ | vaha vāyo niyuto yāhy acchā pibā sutasyāndhaso madāya ||

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Pad Path

प्र । वी॒र॒ऽया । शुच॑यः । द॒द्रिः॒ । वा॒म् । अ॒ध्व॒र्युऽभिः॑ । मधु॑ऽमन्तः । सु॒तासः॑ । वह॑ । वा॒यो॒ इति॑ । नि॒ऽयुतः॑ । या॒हि॒ । अच्छ॑ । पिब॑ । सु॒तस्य॑ । अन्ध॑सः । मदा॑य ॥ ७.९०.१

Rigveda » Mandal:7» Sukta:90» Mantra:1 | Ashtak:5» Adhyay:6» Varga:12» Mantra:1 | Mandal:7» Anuvak:6» Mantra:1


ARYAMUNI

अब वायुविद्या को जाननेवाले विद्वान् का ऐश्वर्य्य वर्णन करते हैं।

Word-Meaning: - (वायो) हे वायुविद्या के वेत्ता विद्वान् ! आप (सुतस्य) संस्कार किये हुए (अन्धसः) अन्नों के रसों को मदाय) आह्लाद के लिये (पिब) पियें और (नियुतः) अपने पद पर नियुक्त हुए (अच्छ) भली प्रकार (वह) सर्वत्र प्राप्त होओ तथा (याहि) बिना रोक-टोक से सर्वत्र जाओ, क्योंकि (प्र) भलीभाँति (वीरया) वीरता के लिये (वाम्) तुमको (अध्वर्युभिः) वैदिक लोगों ने (मधुमन्तः) मीठे (सुतासः) सुन्दर-सुन्दर (शुचयः) पवित्र (दद्रिरे) उपदेश दिये हैं ॥१॥
Connotation: - परमात्मा उपदेश करते हैं कि हे वायुतत्त्व की विद्या को जाननेवाले विद्वान् पुरुषो ! आप वैदिक पुरुषों से उपदेश-लाभ करके सर्वत्र भूमण्डल में अव्याहतगति होकर विचरें ॥१॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

सेनापति के गुण

Word-Meaning: - पदार्थ- हे (वायो) = ऐश्वर्यवन्! हे वायुवत् बलवान् वीर सेनापते! (शुचय:) = शुद्ध आचारवान्, धार्मिक (वीरया=वीराः) = वीर (मधुमन्तः) = बलवान्, मधुर प्रकृति, (सुतासः) = योग्य पदों पर अभिषिक्त पुरुष (अध्वर्युभिः) = प्रजा की हिंसा पीड़ा न चाहनेवाले सोम्यवृत्ति विद्वानों सहित (वाम् प्र दद्रिरे) = तुम दोनों को प्राप्त होते हैं। हे (वायो) = वायुवत् बलवन् ! तू (नियुतः) = सहस्रों अश्वादि सेनाओं को वह सन्मार्ग पर ले चल और (सुतस्य अन्धसः) = ऐश्वर्य से समृद्ध अन्न को (याहि) = प्राप्त कर और (मदाय) = तृप्ति के लिये उसका (पिब) = उपभोग कर।
Connotation: - भावार्थ- राजा को योग्य है कि वह वीर, बलवान्, सत्यवादी, सदाचारी, प्रजा को न सतानेवाले सहयोग को सेनापति पद पर नियुक्त करे। वह सेनापति प्रजाओं को विद्वानों पुरुष से सन्मार्ग पर चलाकर ऐश्वर्य सम्पन्न बनावे ।

ARYAMUNI

अथ वायुविद्याविदुष ऐश्वर्यं वर्ण्यते।

Word-Meaning: - (वायो) हे वायुविद्यावेत्तः ! भवान् (सुतस्य) संस्कृतस्य (अन्धसः) अन्नस्य रसं (मदाय) आह्लादाय (पिब) पिबन्तु (नियुतः) स्वपदे नियुक्तः (अच्छ) सुविधया (वह) यथाकामं विहरतु तथा (याहि) केनाप्यप्रतिषिद्धो विचरतु, यतः (प्र) सम्यक् (वीरया) वीरतायै (वाम्) तुभ्यं (अध्वर्युभिः) वैदिकैः (मधुमन्तः) मधुराः (सुतासः) श्रोत्रतर्पणाः (शुचयः) शुद्धाः (दद्रिरे) उपदेशा दत्ताः ॥१॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Vayu, vibrant source giver of wind energy, come hither, bring all the appointed forces, pure honey sweets of food and drink distilled by specialists of the art are prepared and offered for you. Come and taste of the purest foods for the inspiration and motivation of the brave.