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आप॑श्चिदस्मै॒ पिन्व॑न्त पृ॒थ्वीर्वृ॒त्रेषु॒ शूरा॒ मंस॑न्त उ॒ग्राः ॥३॥

English Transliteration

āpaś cid asmai pinvanta pṛthvīr vṛtreṣu śūrā maṁsanta ugrāḥ ||

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Pad Path

आपः॑। चि॒त्। अ॒स्मै॒। पिन्व॑न्त। पृ॒थ्वीः। वृ॒त्रेषु॑। शूराः॑। मंस॑न्ते। उ॒ग्राः ॥३॥

Rigveda » Mandal:7» Sukta:34» Mantra:3 | Ashtak:5» Adhyay:3» Varga:25» Mantra:3 | Mandal:7» Anuvak:3» Mantra:3


SWAMI DAYANAND SARSWATI

फिर वे कैसी हों, इस विषय को अगले मन्त्र में कहते हैं ॥

Word-Meaning: - जो कन्या (पृथ्वीः) भूमि और (आपः) जल (चित्) ही के समान (अस्मै) इस विद्याव्यवहार के लिये (पिन्वन्त) सिंचन करती और (वृत्रेषु) धनों के निमित्त (उग्राः) तेजस्वी (शूराः) शूरवीरों के समान (मंसन्ते) मान करती हैं, वे विदुषी होती हैं ॥३॥
Connotation: - इस मन्त्र में उपमालङ्कार है । जो कन्या जल के समान कोमलत्वादि गुणयुक्त हैं, पृथिवी के समान सहनशील और शूरों के समान उत्साहिनी विद्याओं को ग्रहण करती हैं, वे सौभाग्यवती होती हैं ॥३॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

आप्तजनों का कृषि आदि कार्य

Word-Meaning: - पदार्थ- (वृत्रेषु) = मेघों में (आपः चित्) = जलधाराएँ जैसे (अस्मै) = इस सूर्य के बल से (पृथ्वीः) = भूमियों को (पिन्वन्त) = सींचती हैं और वृत्रेषु-मेघों के ऊपर (उग्रः) = प्रचण्ड वायुएँ (मंसन्ते) = प्रहार करते हैं (चित्) = वैसे (अस्मै) = इस राजा के लिये (आपः) नहरें (पृथ्वीः पिन्वन्त) = भूमियों को सीचें और (शूराः) = वीर पुरुष (वृत्रेषु) = विघ्नकारी पुरुषों पर और धनों के लिए (मंसन्ते) = उद्योग करें।
Connotation: - भावार्थ- राष्ट्र की प्रजा वेदविद्या से युक्त होकर राष्ट्र को उन्नत बनाने में पुरुषार्थ करे। वैदिक कृषि विद्या के जानकार लोग राष्ट्र में नदियों के व्यर्थ बहनेवाले जल को नहरों द्वारा खेतों तक ले जाकर सिंचाई करें तथा उत्तम बीज द्वारा उन्नत कृषि कार्य से राष्ट्र को समृद्ध बनावें।

SWAMI DAYANAND SARSWATI

पुनस्ताः कीदृशो भवेयुरित्याह ॥

Anvay:

याः कन्याः पृथ्वीरापश्चिदस्मै पिन्वन्त वृत्रेषु उग्राः शूरा इव मंसन्ते ता विदुष्यो जायन्ते ॥३॥

Word-Meaning: - (आपः) जलानि (चित्) इव (अस्मै) विद्याव्यवहाराय (पिन्वन्त) सिञ्चन्ति (पृथ्वीः) भूमीः (वृत्रेषु) धनेषु (शूराः) (मंसन्ते) परिणमन्ते (उग्राः) तेजस्विनः ॥३॥
Connotation: - अत्रोपमालङ्कारः । याः कन्या जलवत्कोमलत्वादिगुणाः पृथिवीवत्क्षमाशीलाः शूरवदुत्साहिन्यो विद्या गृह्णन्ति ताः सौभाग्यवत्यो जायन्ते ॥३॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - The showers of rain nourish the earth and her progeny for this Indra, social order of humanity, and in the battles of life the blazing brave bow down in honour to it.

MATA SAVITA JOSHI

N/A

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - या मंत्रात उपमालंकार आहे. ज्या कन्या जलाप्रमाणे कोमल गुणयुक्त असतात, पृथ्वीप्रमाणे सहनशील असून शूराप्रमाणे उत्साही असून विद्या ग्रहण करतात त्या सौभाग्यशाली असतात. ॥ ३ ॥