Go To Mantra

तमी॑ळिष्व॒ यो अ॒र्चिषा॒ वना॒ विश्वा॑ परि॒ष्वज॑त्। कृ॒ष्णा कृ॒णोति॑ जि॒ह्वया॑ ॥१०॥

English Transliteration

tam īḻiṣva yo arciṣā vanā viśvā pariṣvajat | kṛṣṇā kṛṇoti jihvayā ||

Mantra Audio
Pad Path

तम्। ई॒ळि॒ष्व॒। यः। अ॒र्चिषा॑। वना॑। विश्वा॑। प॒रि॒ऽस्वज॑त्। कृ॒ष्णा। कृ॒णोति॑। जि॒ह्वया॑ ॥१०॥

Rigveda » Mandal:6» Sukta:60» Mantra:10 | Ashtak:4» Adhyay:8» Varga:28» Mantra:5 | Mandal:6» Anuvak:5» Mantra:10


Reads 382 times

SWAMI DAYANAND SARSWATI

फिर वह राजा कैसा हो, इस विषय को कहते हैं ॥

Word-Meaning: - हे विद्वन् जन ! जैसे सूर्य्य (अर्चिषा) सत्कार से (विश्वा) समस्त (वना) किरणों का (परिष्वजत्) सब ओर से सम्बन्ध करता है तथा (कृष्णा) पदार्थों की खीचों को =पदार्थों का कर्षण (कृणोति) करता है, वैसे (यः) जो (जिह्वया) जिह्वा से सत्य आचरण का सम्बन्ध करे (तम्) उसकी आप (ईळिष्व) प्रशंसा वा याचना करो ॥१०॥
Connotation: - इस मन्त्र में वाचकलुप्तोपमालङ्कार है। जैसे सूर्य्य के प्रकाश से सब पदार्थ यथावत् दीखते हैं, वैसे ही विद्या से सब पदार्थ प्रकाशित होते हैं ॥१०॥
Reads 382 times

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

कृष्णा कृणोति जिह्वया

Word-Meaning: - [१] (तम्) = उस प्रभु को (ईडिष्व) = स्तुत कर, (यः) = जो (अर्चिषः) = अपनी ज्ञान दीप्ति से (विश्वा वना) = सब उपासकों को (परिष्वजत्) = आलिंगित करता है। प्रभु अपने उपासकों को ज्ञानदीप्ति प्राप्त कराते हैं । [२] ये प्रभु अग्नि हैं, अग्रेणी हैं। प्रकाश के द्वारा हमारा मार्ग दर्शन करते हुए हमें आगे ले चलते हैं। (जिह्वया) = ज्ञानोपदेश के द्वारा ये प्रभु (कृष्णा कृणोति) = सब कालिमाओं को, मलिनताओं को नष्ट करते हैं [कृणोति - to kill]।
Connotation: - भावार्थ- प्रभु की उपासना हमें ज्ञान का प्रकाश प्राप्त कराती है, हमारी मलिनताओं को ज्ञानोपदेश द्वारा समाप्त करती है।
Reads 382 times

SWAMI DAYANAND SARSWATI

पुनः स राजा कीदृशो भवेदित्याह ॥

Anvay:

हे विद्वन् ! यथा सूर्य्योऽर्चिषा विश्वा वना परिष्वजत् कृष्णा कृणोति तथा यो जिह्वया सत्याचारं परिष्वजत्तं त्वमीळिष्व ॥१०॥

Word-Meaning: - (तम्) (ईळिष्व) प्रशंसाऽध्यन्विच्छ वा (यः) (अर्चिषा) सत्कारेण (वना) वनानि किरणान् (विश्वा) सर्वाणि (परिष्वजत्) सर्वतः सम्बध्नाति (कृष्णा) कर्षणानि (कृणोति) (जिह्वया) ॥१०॥
Connotation: - अत्र वाचकलुप्तोपमालङ्कारः। यथा सूर्यप्रकाशेन सर्वे पदार्था यथावद् दृश्यन्ते तथैव विद्यया सर्वे पदार्थाः प्रकाश्यन्ते ॥१०॥
Reads 382 times

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - O celebrant, love and adore that power of divinity which with its refulgence pervades all rays of the sun, moves all floods of water, and envelops all forests and makes them green with its radiations.
Reads 382 times

ACHARYA DHARMA DEVA VIDYA MARTANDA

How should a king be―is told.

Anvay:

O scholar! as the sun unites his rays from all sides and attracts with his luster, in the same manner, admire and desire to approach that man, who with his tongue embraces or unites truthful conduct.

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - As with the light of the sun, all objects are seen as they are (well), in the same manner, by true knowledge, all objects are illuminated.
Reads 382 times

MATA SAVITA JOSHI

N/A

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - या मंत्रात वाचकलुप्तोपमालंकार आहे. जसे सूर्याच्या प्रकाशामुळे सर्व पदार्थ स्पष्ट दिसतात तसेच विद्येने सर्व पदार्थ जाणता येतात. ॥ १० ॥