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यदिन्द्रो॒ अन॑य॒द्रितो॑ म॒हीर॒पो वृष॑न्तमः। तत्र॑ पू॒षाभ॑व॒त्सचा॑ ॥४॥

English Transliteration

yad indro anayad rito mahīr apo vṛṣantamaḥ | tatra pūṣābhavat sacā ||

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Pad Path

यत्। इन्द्रः॑। अन॑यत्। रितः॑। म॒हीः। अ॒पः। वृष॑न्ऽतमः। तत्र॑। पू॒षा। अ॒भ॒व॒त्। सचा॑ ॥४॥

Rigveda » Mandal:6» Sukta:57» Mantra:4 | Ashtak:4» Adhyay:8» Varga:23» Mantra:4 | Mandal:6» Anuvak:5» Mantra:4


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SWAMI DAYANAND SARSWATI

फिर मनुष्यों को क्या जानना चाहिये, इस विषय को कहते हैं ॥

Word-Meaning: - हे मनुष्यो ! (यत्) जो (वृषन्तमः) अतीव वर्षा करनेवाला (इन्द्रः) बिजुली रूप अग्नि (रितः) अपनी कक्षाओं में घूमनेवाली (महीः) भूमि और (अपः) जलों को (अनयत्) पहुँचाता है (तत्र) वहाँ (पूषा) भूमि (सचा) संयुक्त (अभवत्) होती है, उसको तुम लोग जानो ॥४॥
Connotation: - हे मनुष्यो ! जो बिजुली पृथिवी और जल के बीच स्थिर हुई सबको समय समय पर प्रतिस्थान पहुँचाती है, उसके साथ पृथिवी वर्त्तमान है, उसको जान कलायन्त्रों से उसे उठा सब कामों को सिद्ध करो ॥४॥
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HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

प्राण-साधना

Word-Meaning: - [१] इन्द्रियों को वश में करनेवाला साधक 'इन्द्र' है । प्राणों की साधना करनेवाला 'पूषा' है। (यत्) = जब (इन्द्रः) = यह जितेन्द्रिय पुरुष (रितः) = गतिमय, गति के स्वभाववाले (महीः) = अत्यन्त महत्त्वपूर्ण (अपः) = इन रेतःकणों को अनयत् शरीर के अन्दर प्राप्त कराता है, तो वह वृषन्तमः = अतिशयेन शक्तिशाली बनता है । [२] (तत्र) = वहाँ इन रेतः कणों के शरीर में ही प्राप्त कराने के कार्य मे(पूषा) = प्राणसाधना करनेवाला यह देव (सचा) = इन्द्र का साथी (अभवत्) = होता है। प्राणसाधना इन रेतः कणों की ऊर्ध्वगति में अतिशयेन सहायक होती है।
Connotation: - भावार्थ- हम जितेन्द्रियता व प्राणसाधना द्वारा रेत: कणों का रक्षण करें। यह रक्षण हमें अतिशयेन शक्तिशाली बनाये ।
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SWAMI DAYANAND SARSWATI

पुनर्मनुष्यैः किं वेदितव्यमित्याह ॥

Anvay:

हे मनुष्या ! यद्यो वृषन्तम इन्द्रोरितो महीरपोऽनयत्तत्र पूषा सचाऽभवत्तं यूयं विजानीत ॥४॥

Word-Meaning: - (यत्) यः (इन्द्रः) विद्युत् (अनयत्) नयति (रितः) गन्त्रीः (महीः) भूमीः (अपः) जलानि (वृषन्तमः) अतिशयेन वृष्टिकर्त्ता (तत्र) (पूषा) भूमिः (अभवत्) भवति (सचा) समवेता ॥४॥
Connotation: - हे मनुष्या ! या विद्युत् पृथिव्युदकस्था सर्वं यथासमयं यथास्थानं नयति यया संयुक्ता पृथिवी वर्त्तते तां विज्ञाय कलायन्त्रैरुद्घाट्य सर्वाणि कार्याणि साध्नुवन्तु ॥४॥
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DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - When most generous Indra moves and brings about heavy showers of rain, then Pusha too is the corporate power of natural energy. (Thus making and breaking, consumption and creation are simultaneous processes of natural metabolism in life.)
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ACHARYA DHARMA DEVA VIDYA MARTANDA

What should men know is further told.

Anvay:

O men ! electricity, which causes rain provides water to the moving earth also. Water and earth are connected with it. So you should know.

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - O men ! electricity, which is in the earth and waters, conveys all objects in due course and the earth is connected with it. You should know the nature and application of electricity, use it in various machines and accomplish all works.
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MATA SAVITA JOSHI

N/A

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - हे माणसांनो ! जी विद्युत पृथ्वी व जलामध्ये स्थिर असून सर्वांना वेळोवेळी प्रत्येक स्थानी पोचविते. तिच्याबरोबर पृथ्वी असतेच हे जाणून कलायंत्रातून तिचा उपयोग करून सर्व काम सिद्ध करा. ॥ ४ ॥