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यन्नू॒नम॒श्यां गतिं॑ मि॒त्रस्य॑ यायां प॒था। अस्य॑ प्रि॒यस्य॒ शर्म॒ण्यहिं॑सानस्य सश्चिरे ॥३॥

English Transliteration

yan nūnam aśyāṁ gatim mitrasya yāyām pathā | asya priyasya śarmaṇy ahiṁsānasya saścire ||

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Pad Path

यत्। नू॒नम्। अ॒श्याम्। गति॑म्। मि॒त्रस्य॑। या॒या॒म्। प॒था। अस्य॑। प्रि॒यस्य॑। शर्म॑णि। अहिं॑सानस्य। स॒श्चि॒रे॒ ॥३॥

Rigveda » Mandal:5» Sukta:64» Mantra:3 | Ashtak:4» Adhyay:4» Varga:2» Mantra:3 | Mandal:5» Anuvak:5» Mantra:3


SWAMI DAYANAND SARSWATI

फिर विद्वद्विषय को कहते हैं ॥

Word-Meaning: - हे मनुष्यो ! (अस्य) इस (प्रियस्य) सुन्दर (अहिंसानस्य) हिंसा से रहित (मित्रस्य) मित्र के (शर्मणि) गृह में (यत्) जिस (गतिम्) गमन को विद्वान् जन (सश्चिरे) प्राप्त होते हैं, उस गमन को मैं (नूनम्) निश्चित (अश्याम्) प्राप्त होऊँ और (पथा) मार्ग से (यायाम्) जाऊँ ॥३॥
Connotation: - सब मनुष्य विद्वानों का अनुकरण कर और धर्ममार्ग से चलकर उत्तम गति को प्राप्त होवें ॥३॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

गति मात्र 'मित्र' के मार्ग से हो

Word-Meaning: - [१] (यत्) = जब (नूनम्) = निश्चय से (गतिं अश्याम्) = गति को प्राप्त करूँ, तो (मित्रस्य पथा) = स्नेह करनेवाले के मार्ग से (यायाम्) = जाऊँ । अर्थात् मेरी सारी गति एक मित्र की ही गति हो । मेरा कोई भी कार्य द्वेषभाव से प्रेरित होकर न किया जाये। [२] (अस्य) = इस (प्रियस्य) = सब की प्रीति के कारणभूत (अहिंसानस्य) = किसी की हिंसा न करनेवाले मित्र की (शर्मणि) = शरण में (सश्चिरे) = सब संगत हो जाते हैं [cling to] । 'मित्र' देवता का आराधन सबको एक बना देता है । 'सश्च' का अर्थ to worship = पूजा करना भी है। प्रभु का सच्चा पूजन भी यही है कि हम सब परस्पर स्नेह व निर्देषता से चलें ।
Connotation: - भावार्थ- मेरे सब कार्य मित्र के मार्ग से चलते हुए हों। यह स्नेह व निर्देषता से चलना ही प्रभु का सच्चा पूजन है।

SWAMI DAYANAND SARSWATI

पुनर्विद्वद्विषयमाह ॥

Anvay:

हे मनुष्या ! अस्य प्रियस्याहिंसानस्य मित्रस्य शर्मणि यद्यां गतिं विद्वांसः सश्चिरे तामहं नूनमश्यां पथा यायाम् ॥३॥

Word-Meaning: - (यत्) याम् (नूनम्) निश्चितम् (अश्याम्) प्राप्नुयाम् (गतिम्) (मित्रस्य) सख्युः (यायाम्) (पथा) मार्गेण (अस्य) (प्रियस्य) कमनीयस्य (शर्मणि) गृहे (अहिंसानस्य) हिंसारहितस्य (सश्चिरे) समवयन्ति प्राप्नुवन्ति ॥३॥
Connotation: - सर्वे मनुष्या विद्वदनुकरणं कृत्वा धर्म्ममार्गेण गत्वा सद्गतिं प्राप्नुवन्तु ॥३॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - I wish and pray I go by the same path and reach the same goal, the home of divine bliss of this dear lord of love and non-violence, Mitra which the sages follow and reach.

ACHARYA DHARMA DEVA VIDYA MARTANDA

Something about the duties of the enlightened men is told.

Anvay:

O men ! let me certainly attain that state which is attained by people living at the home or under the shelter of this man, who is a dear friend, free from violence or harm. Let me also follow the same path of righteousness.

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - Let men initiate the enlightened persons, tread upon the path of Dharma (righteousness) and attain good state.

MATA SAVITA JOSHI

N/A

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - सर्व माणसांनी विद्वानांचे अनुकरण करून धर्ममार्गाने चालून उत्तम गती प्राप्त करावी. ॥ ३ ॥