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यू॒यं मर्तं॑ विपन्यवः प्रणे॒तार॑ इ॒त्था धि॒या। श्रोता॑रो॒ याम॑हूतिषु ॥१५॥

English Transliteration

yūyam martaṁ vipanyavaḥ praṇetāra itthā dhiyā | śrotāro yāmahūtiṣu ||

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Pad Path

यू॒यम्। मर्त॑म्। वि॒प॒न्य॒वः॒। प्र॒ऽने॒तारः॑। इ॒त्था। धि॒या। श्रोता॑रः। याम॑ऽहूतिषु ॥१५॥

Rigveda » Mandal:5» Sukta:61» Mantra:15 | Ashtak:4» Adhyay:3» Varga:28» Mantra:5 | Mandal:5» Anuvak:5» Mantra:15


SWAMI DAYANAND SARSWATI

फिर विद्वद्विषय को कहते हैं ॥

Word-Meaning: - हे (विपन्यवः) बुद्धिमानो ! (यूयम्) आप लोग (प्रणेतारः) प्रेरणा करने और (श्रोतारः) सुननेवाले जन (धिया) बुद्धि वा कर्म से (यामहूतिषु) उपरम अर्थात् निवृत्ति और आह्वानरूप कर्म्मों में (इत्था) इस प्रकार से (मर्त्तम्) मनुष्यों को प्रेरणा करो ॥१५॥
Connotation: - जो विद्वान् जन धर्मयुक्त व्यवहारों में मनुष्यों को प्रेरणा करके बुद्धिमान् करते हैं, वे धन्य होते हैं ॥१५॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

'सत्यमार्ग पर ले-चलनेवाले' प्राण

Word-Meaning: - [१] हे (विपन्यवः) = [पन स्तुतौ] विशिष्ट स्तुतिवाले प्राणो ! (यूयम्) = आप (मर्तम्) = मनुष्य को (इत्था धिया) = सत्य बुद्धि से (प्रणेतारः) = उन्नतिपथ पर ले चलनेवाले हो । प्राणायाम से चित्तवृत्ति का निरोध होकर प्रभु-स्तवन की वृत्ति जागती है, इस स्तवन से सत्य बुद्धि प्राप्त होती है, सत्य बुद्धि से हम उन्नतिपथ पर आगे बढ़ पाते हैं। [२] ये प्राण (यामहूतिषु) = [याम: मार्गः, तदर्थं हूतिषु ] मार्गों के लिये आह्वानों के होने पर मैं (श्रोतारः) = हमारी पुकारों को सुननेवाले हैं। अर्थात् जब हम मार्गों को जानने के लिये पुकार करते हैं तो ये प्राण हमारे लिये ठीक मार्ग का ज्ञान देनेवाले होते हैं। प्राणसाधना से होनेवाली ज्ञानदीप्ति मार्गदर्शन कराती ही है ।
Connotation: - भावार्थ– प्राणसाधना हमें [१] प्रभु-स्तवन की ओर झुकाती है, [२] इससे सत्यबुद्धि उत्पन्न होती है और हम ठीक मार्ग पर आगे बढ़नेवाले होते हैं। [३] ये प्राण हमारी पुकार को सुनते हैं और मार्गदर्शन कराते हैं।

SWAMI DAYANAND SARSWATI

पुनर्विद्वद्विषयमाह ॥

Anvay:

हे विपन्यवो ! यूयं प्रणेतारः श्रोतारो धिया यामहूतिष्वित्था मर्त्तं प्रेरयत ॥१५॥

Word-Meaning: - (यूयम्) (मर्त्तम्) मनुष्यम् (विपन्यवः) मेधाविनः (प्रणेतारः) प्रेरकाः (इत्था) अनेन प्रकारेण (धिया) प्रज्ञया कर्म्मणा वा (श्रोतारः) (यामहूतिषु) उपरमाऽऽह्वानरूपकर्म्मसु ॥१५॥
Connotation: - ये विद्वांसो धर्म्येषु व्यवहारेषु मनुष्यान् प्रेरयित्वा प्रज्ञान् कुर्वन्ति ते धन्या भवन्ति ॥१५॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - O leading lights, admirable heroes, with intelligence and understanding, thus, you are inspirers, guides and saviours of mortals. And you listen when they call on you in peace or distress for help and assistance.

ACHARYA DHARMA DEVA VIDYA MARTANDA

Something about the duties of the enlightened persons is told-further.

Anvay:

O wise men ! you are leaders and listeners to the requests of men in the acts of peace and invocation. Thus with your intellect and actions, you urge them to do good deeds.

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - Blessed are those enlightened persons who make men wise by urging them to do righteous dealings.

MATA SAVITA JOSHI

N/A

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - जे विद्वान धर्मयुक्त व्यवहारात माणसांना प्रेरणा देतात व बुद्धिमान करतात ते धन्य होत. ॥ १५ ॥