Go To Mantra
Viewed 348 times

उदी॑रयथा मरुतः समुद्र॒तो यू॒यं वृ॒ष्टिं व॑र्षयथा पुरीषिणः। न वो॑ दस्रा॒ उप॑ दस्यन्ति धे॒नवः॒ शुभं॑ या॒तामनु॒ रथा॑ अवृत्सत ॥५॥

English Transliteration

ud īrayathā marutaḥ samudrato yūyaṁ vṛṣṭiṁ varṣayathā purīṣiṇaḥ | na vo dasrā upa dasyanti dhenavaḥ śubhaṁ yātām anu rathā avṛtsata ||

Mantra Audio
Pad Path

उत्। ई॒र॒य॒थ॒। म॒रु॒तः॒। स॒मु॒द्र॒तः। यू॒यम्। वृ॒ष्टिम्। व॒र्ष॒य॒थ॒। पु॒री॒षि॒णः॒। न। वः॒। द॒स्राः॒। उप॑। द॒स्य॒न्ति॒। धे॒नवः॑। शुभ॑म्। या॒ताम्। अनु॑। रथाः॑। अ॒वृ॒त्स॒त॒ ॥५॥

Rigveda » Mandal:5» Sukta:55» Mantra:5 | Ashtak:4» Adhyay:3» Varga:17» Mantra:5 | Mandal:5» Anuvak:4» Mantra:5


SWAMI DAYANAND SARSWATI

फिर उसी विषय को कहते हैं ॥

Word-Meaning: - हे (पुरीषिणः) बहुत प्रकार का पोषण विद्यमान जिनमें वे (मरुतः) मनुष्यो ! (यूयम्) आप लोग हम लोगों की श्रेष्ठकर्मों में (उत्, ईरयथा) प्रेरणा कीजिये और जैसे पवन (समुद्रतः) अन्तरिक्ष से (वृष्टिम्) वर्षा करते हैं, वैसे आप लोग (वर्षयथा) वर्षाइये जिससे (दस्राः) नाश होनेवाले और (धेनवः) वाणियाँ (वः) आप लोगों को (न) नहीं (उप, दस्यन्ति) उपक्षय करते जैसे (शुभम्) कल्याण को (याताम्) प्राप्त होते हुओं के (रथाः) वाहन (अनु, अवृत्सत) अनुकूल वर्त्तते हैं, वैसे धर्ममार्ग का अनुकूल वर्त्ताव कीजिये ॥५॥
Connotation: - इस मन्त्र में वाचकलुप्तोपमाङ्कार है। हे विद्वान् जनो ! जैसे पवन अन्तरिक्ष से वृष्टि करके सम्पूर्ण प्राणियों को तृप्त करके दुःख का नाश करते हैं, वैसे ही सत्यविद्या के उपदेश की वृष्टि से अविद्यारूप अन्धकार से हुए दुःख का निवारण कीजिये ॥५॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

'पुरीषिणः' मरुतः

Word-Meaning: - [१] यहाँ आधिदैविक जगत् के मरुत् 'वृष्टि वाहक' वायु हैं । हे (मरुतः) = वृष्टिवाहक वायुयो ! (यूयम्) = तुम (समुद्रतः) = समुद्र से (वृष्टिम्) = वृष्टि को (उद् ईरयथ) = उत्कर्षेण प्रेरित करते हो । इन वायुयों के द्वारा ही समुद्र से वाष्पीभूत हुआ-हुआ जल (वाष्प) इधर-उधर ऊपर आकाश में ले लाया जाता है । हे (पुरीषिणः) = जलोंवाले मरुतो ! (यूयम्) = तुम ही (वृष्टिं वर्षयथा) = इस वृष्टि को करते हो। [२] (वः) = तुम्हारे ये (दस्त्राः) = दर्शनीय व शत्रुनाशक (धेनवः) = पृथिवी को जलों से प्रीणित करनेवाले मेघ न (उपदस्यन्ति) = नहीं नष्ट होते हैं, ये सदा वृष्टि को करनेवाले होते हैं । हे वायुयो ! (शुभं याताम्) = बड़ी उत्तमता से गति करते हुए आपके (रथाः) = रथ (अनु अवृत्सत) = सदा अनुकूल गतिवाले होते हैं ।
Connotation: - भावार्थ-वृष्टि को लानेवाले वायु मेघों द्वारा वृष्टि को करके सम्पूर्ण पृथिवी को प्रीणित करनेवाले हों।

SWAMI DAYANAND SARSWATI

पुनस्तमेव विषयमाह ॥

Anvay:

हे पुरीषिणो मरुतो ! यूयमस्मान् सत्कर्मसूदीरयथा यथा वायवः समुद्रतो वृष्टिं कुर्वन्ति तथा यूयं वर्षयथा यतो दस्रा धेनवो वो नोप दस्यन्ति यथा शुभं यातां रथा अन्ववृत्सत तथा धर्ममार्गमनुवर्त्तध्वम् ॥५॥

Word-Meaning: - (उत्) उत्कृष्टे (ईरयथा) प्रेरयथ। अत्र संहितायामिति दीर्घः। (मरुतः) मनुष्याः (समुद्रतः) अन्तरिक्षात् (यूयम्) (वृष्टिम्) (वर्षयथा) अत्र संहितायामिति दीर्घः। (पुरीषिणः) पुरीषं बहुविधं पोषणं विद्यते येषु ते (न) (वः) युष्मान् (दस्राः) उपक्षेतारः (उप) (दस्यन्ति) क्षयन्ति (धेनवः) वाचः (शुभम्) (याताम्) (अनु) (रथाः) (अवृत्सत) ॥५॥
Connotation: - अत्र वाचकलुप्तोपमालङ्कारः । हे विद्वांसो ! यथा वायवोऽन्तरिक्षाद्वष्टिं कृत्वा सर्वान् प्राणिनस्तर्प्पयित्वा दुःखक्षयं कुवन्ति तथैव सत्यविद्यापदेशवृष्ट्याऽविद्यान्धकारदुःखं निवारयन्तु ॥५॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - O Maruts, ruling lights of the earth, just as the winds raise vapours from the seas and shower them down from the sky, so you inspire the people, energise the earth, shake up the clouds and bring the showers of prosperity from the seas and spaces. O wondrous workers and generous leaders, the fertilities of nature, sunlight, earths and cows never desert you, nor ever exhaust for you. Let the chariots of life roll on with the leading lights of generosity to happiness and prosperity.

ACHARYA DHARMA DEVA VIDYA MARTANDA

The ideal actions of a man are highlighted.

Anvay:

O thoughtful men ! you are nourisher in many ways, you urge us to do noble deeds. As the monsoon winds rain down from the firmament, so rains down good knowledge and sermons, and consequently destroyers do not spoil our speeches. The vehicles like aircrafts accompany those who tread upon the path of righteousness.

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - O highly learned persons the winds rain down water from the firmament and thus gratify all creatures. They alleviate their sufferings and thus dispel the darkness of ignorance and misery by the rains of true knowledge and sermons.
Footnote: Prof. Maxmuller has translated following Path पुरीषणः as yeomen in the sense of the cultivator of the land. Taking for granted, the above meaning how can it be maintained that Maruts are the storm gods (as he has done while translating this and other hymns regarding Maruts in the 'Vedic Hymns, Part I Pages 333-335).

MATA SAVITA JOSHI

N/A

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - या मंत्रात वाचकलुप्तोपमालंकार आहे. हे विद्वानांनो! जसा वायू अंतरिक्षातून वृष्टी करून संपूर्ण प्राण्यांना तृप्त करतो व दुःख नष्ट करतो तसेच सत्यविद्येच्या उपदेश वृष्टीने अविद्यारूपी अंधकाराने उत्पन्न झालेल्या दुःखाचे निवारण करा. ॥ ५ ॥