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आ या॑त मरुतो दि॒व आन्तरि॑क्षाद॒मादु॒त। माव॑ स्थात परा॒वतः॑ ॥८॥

English Transliteration

ā yāta maruto diva āntarikṣād amād uta | māva sthāta parāvataḥ ||

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Pad Path

आ। या॒त॒। म॒रु॒तः॒। दि॒वः। आ। अ॒न्तरि॑क्षात्। अ॒मात्। उ॒त। मा। अव॑। स्था॒त॒। प॒रा॒ऽवतः॑ ॥८॥

Rigveda » Mandal:5» Sukta:53» Mantra:8 | Ashtak:4» Adhyay:3» Varga:12» Mantra:3 | Mandal:5» Anuvak:4» Mantra:8


SWAMI DAYANAND SARSWATI

फिर मनुष्यों को क्या प्राप्त करना योग्य है, इस विषय को कहते हैं ॥

Word-Meaning: - हे (मरुतः) मनुष्यो ! आप लोग (अन्तरिक्षात्) अन्तरिक्ष (उत) और (अमात्) गृह से (दिवः) कामनाओं को (आ) सब प्रकार से (यात) प्राप्त हूजिये और (परावतः) दूर देश से (मा) नहीं (अव, आ, स्थात) अच्छे प्रकार से स्थित हूजिये ॥८॥
Connotation: - वे ही मनुष्य कामना की सिद्धि को प्राप्त होते हैं, जो विरोध का त्याग करके विद्वान् होते हैं ॥८॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

'द्युलोक-अन्तरिक्षलोक व पृथिवीलोक'

Word-Meaning: - [१] हे (मरुतः) = प्राणो! (दिवः) = द्युलोक के हेतु से, मस्तिष्करूप द्युलोक को ठीक रखने के लिये (आयात) = प्राप्त होवो । प्राणसाधना से मस्तिष्क में ज्ञानदीप्ति होती ही है 'योगाङ्गानुष्ठानाद् अशुद्धिक्षये ज्ञानदीप्ति:' । (अन्तरिक्षाद् आ) [यात] = इस हृदयान्तरिक्ष के हेतु से तुम प्राप्त होवो । प्राणसाधना ही दोषों का उपक्षय करता है। (उत) = और (अमात्) = इस हमारे गृहभूत पार्थिव शरीर के हेतु से तुम हमें प्राप्त होवो। इस शरीर में होनेवाले सब रोग-कृमियों को प्राणों ने ही तो नष्ट करना है। [२] हे प्राणो ! (परावतः) = दूरदेश में (मा अवस्थात) = हमारे से परे मत ठहरो । अर्थात् हम सदा प्राणसाधना करनेवाले बनें। प्राणसाधना से हम दूर न हों।
Connotation: - भावार्थ- प्राणसाधना हमारे मस्तिष्क हृदय व शरीर तीनों को स्वस्थ बनायेगी ।

SWAMI DAYANAND SARSWATI

पुनर्मनुष्यैः किं प्राप्तव्यमित्याह ॥

Anvay:

हे मरुतो ! यूयमन्तरिक्षादुतामाद्दिव आ यात परावतो मावाऽऽस्थात ॥८॥

Word-Meaning: - (आ) समन्तात् (यात) प्राप्नुत (मरुतः) मनुष्याः (दिवः) कामनाः (आ) (अन्तरिक्षात्) (अमात्) गृहात् (उत) अपि (मा) (अव) (स्थात) तिष्ठत (परावतः) दूरदेशात् ॥८॥
Connotation: - त एव मनुष्याः कामसिद्धिमाप्नुवन्ति ये विरोधं त्यक्त्वा विद्यावन्तो भवन्ति ॥८॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - O Maruts, leading lights and stormy forces of nature and humanity, creators and givers, come, come from the lights of heaven, come from the skies, come from near and afar, be on the move, never stay still, do not stagnate.

ACHARYA DHARMA DEVA VIDYA MARTANDA

What should men attain is told.

Anvay:

O thoughtful men ! come from the firmament and from your homes to attain your desire.

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - Those persons only get their desires fulfilled who give up all malice or animosity and are endowed with good knowledge.

MATA SAVITA JOSHI

N/A

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - जी माणसे विरोध दूर सारून विद्वान होतात त्याच माणसांच्या कामना पूर्ण होतात. ॥ ८ ॥