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सिष॑क्तु न ऊर्ज॒व्य॑स्य पु॒ष्टेः ॥२०॥

English Transliteration

siṣaktu na ūrjavyasya puṣṭeḥ ||

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Pad Path

सिष॑क्तु। नः॒। ऊ॒र्ज॒व्य॑स्य। पु॒ष्टेः ॥२०॥

Rigveda » Mandal:5» Sukta:41» Mantra:20 | Ashtak:4» Adhyay:2» Varga:16» Mantra:5 | Mandal:5» Anuvak:3» Mantra:20


SWAMI DAYANAND SARSWATI

फिर उसी विषय को कहते हैं ॥

Word-Meaning: - जो विद्वान् होवे वह (नः) हम लोगों को (ऊर्जव्यस्य) बहुत बल से प्राप्त (पुष्टेः) पुष्टि के योग का (सिषक्तु) सेवन करे ॥२०॥
Connotation: - जो जगत् का उपकार करनेवाला होता है, वही सम्पूर्ण विद्याओं के सम्बन्ध करने योग्य होता है ॥२०॥ इस सूक्त में विश्वेदेवों के गुण वर्णन करने से इस सूक्त के अर्थ की इस से पूर्व सूक्त के अर्थ के साथ सङ्गति जाननी चाहिये ॥ यह इकतालीसवाँ सूक्त और सोलहवाँ वर्ग समाप्त हुआ ॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

ऊर्जव्य पुष्टि

Word-Meaning: - [१] गतमन्त्र में वर्णित वेदवाणी (नः) = हमारे साथ (ऊर्जव्यस्य) = बल व प्राणशक्ति सम्पन्न (पुष्टे:) = पोषण का (सिषक्तु) = मेल करनेवाली हो । निरन्तर वेदवाणी को अपनाने से विषय वासनाओं से बचे रहकर हम 'स्वस्थ, सबल व सुन्दर' जीवनवाले बने रहें । [२] गतमन्त्र के अनुसार यह हमारे सब यूथों का निर्माण करनेवाली हो । अन्नमयकोश के पंचतत्त्वों को ठीक रखे, प्राणमयकोश के पंच प्राणों को प्रबल बनाये। पाँचों कर्मेन्द्रियों, व पाँचों ज्ञानेन्द्रियों को कार्यक्षम करे। तथा 'मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार व हृदय' सब को निर्मल करनेवाली हो। इस प्रकार यह हमारा ठीक पोषण करनेवाली, वास्तविक माता हो ।
Connotation: - भावार्थ- हम वेदमाता का उपासन करें। यह हमारा उत्तम पोषण क्यों न करेगी? अगले सूक्त में भी अत्रि ही प्रार्थना करते हैं कि

SWAMI DAYANAND SARSWATI

पुनस्तमेव विषयमाह ॥

Anvay:

यो विद्वान् भवेत् स न ऊर्जव्यस्य पुष्टेर्योगं सिषक्तु ॥२०॥

Word-Meaning: - (सिषक्तु) परिचरतु (नः) अस्मान् (ऊर्जव्यस्य) बहुबलप्राप्तस्य (पुष्टेः) ॥२०॥
Connotation: - यो जगदुपकारी भवति स एव सर्वविद्यासम्बन्धं कर्त्तुमर्हति ॥२०॥ अत्र विश्वेषां देवानां गुणवर्णन कृतमतोऽस्य सूक्तस्यार्थस्य पूर्वसूक्तार्थेन सह सङ्गतिर्वेद्या ॥ इत्येकचत्वारिंशत्तमं सूक्तं षोडशो वर्गश्च समाप्तः ॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - And let the scientist help us and the lord omniscient bless us, with strength and energy from all sources of nature.

ACHARYA DHARMA DEVA VIDYA MARTANDA

The subject of enlightened persons is dealt.

Anvay:

May a highly learned man associate us with the development or growth of a very mighty person?

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - He who is benevolent to the world can establish and stabilize the relations between all the sciences or departments of knowledge.

MATA SAVITA JOSHI

N/A

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - जो जगावर उपकार करणारा असतो तोच संपूर्ण विद्येशी संलग्न असतो. ॥ २० ॥