Go To Mantra
Viewed 371 times

अवा॑चचक्षं प॒दम॑स्य स॒स्वरु॒ग्रं नि॑धा॒तुरन्वा॑यमि॒च्छन्। अपृ॑च्छम॒न्याँ उ॒त ते म॑ आहु॒रिन्द्रं॒ नरो॑ बुबुधा॒ना अ॑शेम ॥२॥

English Transliteration

avācacakṣam padam asya sasvar ugraṁ nidhātur anv āyam icchan | apṛccham anyām̐ uta te ma āhur indraṁ naro bubudhānā aśema ||

Mantra Audio
Pad Path

अव॑। अ॒च॒च॒क्ष॒म्। प॒दम्। अ॒स्य॒। स॒स्वः। उ॒ग्रम्। नि॒ऽधा॒तुः। अनु॑। आ॒य॒म्। इ॒च्छन्। अपृ॑च्छम्। अ॒न्यान्। उ॒त। ते। मे॒। आ॒हुः॒। इन्द्र॑म्। नरः॑। बु॒बु॒धा॒नाः। अ॒शे॒म॒ ॥२॥

Rigveda » Mandal:5» Sukta:30» Mantra:2 | Ashtak:4» Adhyay:1» Varga:26» Mantra:2 | Mandal:5» Anuvak:2» Mantra:2


SWAMI DAYANAND SARSWATI

फिर उसी विषय को कहते हैं ॥

Word-Meaning: - शिल्पविद्या की (इच्छन्) इच्छा करता हुआ मैं जिन (अन्यान्) अन्य विद्वानों को (अपृच्छम्) पूछूँ (ते) वे (बुबुधानाः) सम्बोधयुक्त (नरः) नायक जन विद्वान् (मे) मेरे लिये (इन्द्रम्) बिजुली को (आहुः) कहें, उसको (अस्य) इस शिल्पविद्या के (निधातुः) धारण करनेवाले के (सस्वः) गुप्त (उग्रम्) उग्र गुण, कर्म्म और स्वभाववाले (पदम्) प्राप्त होने योग्य विज्ञान को (अनु, आयम्) अनुकूल प्राप्त होऊँ और अन्यों के प्रति (अव, अचचक्षम्) निश्शेष कहूँ, इस प्रकार (उत) भी मित्र के सदृश वर्त्तमान हम लोग अङ्ग और उपाङ्गों के सहित शिल्पविद्याओं को (अशेम) प्राप्त होवें ॥२॥
Connotation: - जब शिल्प आदि के जानने की इच्छा करनेवाले जन विद्वानों के प्रति पूछें, तब उनके प्रति यथार्थ उत्तर देवें, इस प्रकार परस्पर मित्र हुए बिजुली आदि की विद्या की उन्नति करें ॥२॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

नर+बुबुधान

Word-Meaning: - १. (अस्य) = इस प्रभु के (सस्वः) = [गुप्तं द०, अन्तर्हित सा०] अन्तर्हित अथवा (स-स्वः) = प्रकाशमय (उग्रम्) = तेजस्वी (पदम्) = रूप को (अवाचचक्षम्) = विषयों से हटकर हृदय के अन्दर देखता हूँ। (निधातुः) = इस संसार के धारण करनेवाले के (अयम्) = आगमन व प्राप्ति को (अनु इच्छन्) = चाहता हुआ मैं (अन्यान् अपृच्छम्) = अन्य विद्वानों से भी जानने का प्रयत्न करता हूँ । (उत) = और (ते) = वे (विद्वान् मे) = मेरे लिए (आहुः) = कहते हैं कि (इन्द्रम्) = उस परमैश्वर्यशाली प्रभु को (नरः) = उन्नतिपथ पर चलनेवाले तथा (बुबुधाना:) = ज्ञानवाले होते हुए (अशेम) = प्राप्त करें । अर्थात् प्रभु-प्राप्ति का मार्ग यही है कि 'नर' बनें – बुबुधान बनें ।
Connotation: - भावार्थ- प्रभु हमारे हृदयों में ही विद्यमान है। उन्हें देखने के लिए आवश्यक है कि [क] हम उन्नति पथ पर चलनेवाले 'नर' बनें । तथा [ख] निरन्तर ज्ञानज्योति को प्राप्त करनेवाले 'बुबुधान' हों।

SWAMI DAYANAND SARSWATI

पुनस्तमेव विषयमाह ॥

Anvay:

शिल्पविद्यामिच्छन्नहं यावन्यान् विदुषोऽपृच्छं ते बुबुधाना नरो म इन्द्रमाहुस्तमस्य निधातुः सस्वरुग्रं पदमन्वायमन्यान् प्रत्यवाचचक्षमेवमुत मित्रवद्वर्त्तमाना वयं साङ्गोपाङ्गाः शिल्पविद्या अशेम ॥२॥

Word-Meaning: - (अव) (अचचक्षम्) कथयेयम् (पदम्) प्रापणीयं विज्ञानम् (अस्य) शिल्पस्य (सस्वः) गुप्तम् (उग्रम्) उग्रगुणकर्मस्वभावम् (निधातुः) धरतुः (अनु) (आयम्) प्राप्नुयाम् (इच्छन्) (अपृच्छम्) पृच्छेयम् (अन्यान्) विदुषः (उत) (ते) विद्वांसः (मे) मह्यम् (आहुः) कथयन्तु (इन्द्रम्) विद्युतम् (नरः) नायकाः (बुबुधानाः) सम्बोधयुक्ताः (अशेम) प्राप्नुयाम ॥२॥
Connotation: - यदा जिज्ञासवो विदुषः प्रति पृच्छेयुस्तदा तान् प्रति यथार्थमुत्तरं प्रदद्युरेवं सखायः सन्तो विद्युदादिविद्यामुन्नयेयुः ॥२॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - With the desire to pursue and achieve success, I have discovered and described the science of this mighty source of immanent energy. Let me consult and ask others too who would speak of Indra, the energy, to me. And the best of men and leading scholars among men, enlightened all, we would realise and achieve it in full.

ACHARYA DHARMA DEVA VIDYA MARTANDA

The same subject of Indra is continued.

Anvay:

Whomsoever scholars desirous of acquiring the knowledge of the technology, I asked, all those enlightened me acquire the men told me about the Indra (electricity). Let secret and effective knowledge of this science of upholding of noble achievements, and tell it to others. In this manner, being friendly to one another, let us learn this technology with all its branches.

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - When persons desirous to acquire some knowledge put questions, proper answer must be given to them. In this way, all should advance the cause of the science of electricity etc. together.

MATA SAVITA JOSHI

N/A

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - शिल्प इत्यादी विद्येबाबत जिज्ञासू लोकांनी प्रश्न विचारले तर विद्वानांनी त्याचे योग्य उत्तर द्यावे व परस्पर मित्र बनून विद्युत इत्यादी विद्या वाढवावी. ॥ २ ॥