Go To Mantra
Viewed 379 times

वेषीद्व॑स्य दू॒त्यं१॒॑ यस्य॒ जुजो॑षो अध्व॒रम्। ह॒व्यं मर्त॑स्य॒ वोळ्ह॑वे ॥६॥

English Transliteration

veṣīd v asya dūtyaṁ yasya jujoṣo adhvaram | havyam martasya voḻhave ||

Mantra Audio
Pad Path

वेषि॑। इत्। ऊ॒म् इति॑। अ॒स्य॒। दू॒त्यम्। यस्य॑। जुजो॑षः। अ॒ध्व॒रम्। ह॒व्यम्। मर्त॑स्य। वोळ्ह॑वे॥६॥

Rigveda » Mandal:4» Sukta:9» Mantra:6 | Ashtak:3» Adhyay:5» Varga:9» Mantra:6 | Mandal:4» Anuvak:1» Mantra:6


SWAMI DAYANAND SARSWATI

अब राजविषय को अगले मन्त्र में कहते हैं ॥

Word-Meaning: - हे विद्वन् ! जो आप (यस्य) जिस (मर्तस्य) मनुष्य के (दूत्यम्) दूतसम्बन्धी कर्म्म को (वेषि) प्राप्त होते हो और जिसके (वोळ्हवे) प्राप्त होने के लिये (हव्यम्) ग्रहण करने योग्य (अध्वरम्) हिंसारहित व्यवहार का (उ) ही (जुजोषः) सेवन करो (इत्) वही आप (अस्य) इसके दूत होने के योग्य हैं ॥६॥
Connotation: - हे राजा लोगो ! जो पूर्ण विद्यायुक्त बहुत बोलनेवाले स्नेही और धार्मिक जन हैं और जो लोग राज्य के व्यवहार को धारण कर सकते हैं, उन शूरवीर मित्रों को समाचारप्रापक बना और राज्य के समाचारों को जान के विशेष प्रबन्ध करो ॥६॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

यज्ञशीलता

Word-Meaning: - (१) हे प्रभो! आप (इत् उ) = निश्चय से (अस्य) = इस पुरुष के (दूत्यम्) = ज्ञान-सन्देश के प्राप्त कराने के काम को (वेषि) = चाहते हैं [कामयसे], अर्थात् उसे ज्ञान प्राप्त कराते हैं, (यस्य) = जिसके (अध्वरम्) = यज्ञ का (जुजोष:) = आप प्रीतिपूर्वक सेवन करते हैं। वस्तुत: यज्ञशील पुरुष को ही आप ज्ञान प्राप्त कराते हैं । [२] आप इस (मर्तस्य) = यज्ञशील पुरुष के (हव्यं वोढवे) = हव्य पदार्थों के प्राप्त करानेवाले होते हैं। हम यज्ञशील बनें, प्रभु हमें सब आवश्यक पदार्थों को प्राप्त करायेंगे। इन हव्य पदार्थों के सेवन से हमारा जीवन अधिकाधिक पवित्र होता जाएगा।
Connotation: - भावार्थ- हम यज्ञशील बनें, प्रभु हमें ज्ञान प्राप्त करायेंगे और हव्य पदार्थों को हमारे लिये देनेवाले होंगे।

SWAMI DAYANAND SARSWATI

अथ राजविषयमाह ॥

Anvay:

हे विद्वन् ! यस्त्वं यस्य मर्त्तस्य दूत्यं वेषि यस्य वोळ्हवे हव्यमध्वरमु जुजोषः स इद्भवानस्य दूतो भवितुमर्हति ॥६॥

Word-Meaning: - (वेषि) व्याप्नोषि (इत्) (उ) (अस्य) (दूत्यम्) दूतस्य कर्म (यस्य) (जुजोषः) सेवस्व (अध्वरम्) अहिंसनीयं व्यवहारम् (हव्यम्) आदातुमर्हम् (मर्त्तस्य) मनुष्यस्य (वोळ्हवे) वोढुम् ॥६॥
Connotation: - हे राजानो ! ये पूर्णविद्याः प्रगल्भा अनुरक्ता धार्मिका जनाः सन्ति ये राज्यस्य व्यवहारं वोढुं शक्नुवन्ति ताञ्छूरवीरान् सुहृदो दूतान् सम्पाद्य राज्यसमाचारान् विज्ञाय व्यवस्थां कुरुत ॥६॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - You accept the message of this devotee whose yajna of love and social cooperation you join without violence, and you receive the inputs of holy fuel to communicate the meaning, message and fragrance to the destination where it is meant for.

ACHARYA DHARMA DEVA VIDYA MARTANDA

The duties of the rulers are told.

Anvay:

O learned person! you deserve to be an ambassador of that good ruler (king), you carry the message and communicate your acceptable loving inviolable and noble dealing in order to run the proper administration.

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - O rulers, you should appoint brave and friendly (faithful and confident) ambassadors. They should be highly learned, clever and loving righteous persons and are capable to carry on the administrative work. Through such ambassadors the rulers get all information and developments and make necessary arrangements consequently.

MATA SAVITA JOSHI

N/A

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - हे राजे लोकांनो! जे पूर्ण विद्यायुक्त, प्रगल्भ, प्रसन्न व धार्मिक आहेत व जे लोक राज्य व्यवहार करू शकतात, त्या शूरवीर मित्रांना दूत बनवून राज्याचे समाचार जाणून विशेष प्रबंध करा. ॥ ६ ॥