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प्र वां॒ महि॒ द्यवी॑ अ॒भ्युप॑स्तुतिं भरामहे। शुची॒ उप॒ प्रश॑स्तये ॥५॥

English Transliteration

pra vām mahi dyavī abhy upastutim bharāmahe | śucī upa praśastaye ||

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Pad Path

प्र। वा॒म्। महि॑। द्यवी॒ इति॑। अ॒भि। उप॑ऽस्तुतिम्। भ॒रा॒म॒हे॒। शुची॒ इति॑। उप॑। प्रऽश॑स्तये ॥५॥

Rigveda » Mandal:4» Sukta:56» Mantra:5 | Ashtak:3» Adhyay:8» Varga:8» Mantra:5 | Mandal:4» Anuvak:5» Mantra:5


SWAMI DAYANAND SARSWATI

अब शिल्पविद्या की शिक्षा को अगले मन्त्र में कहते हैं ॥

Word-Meaning: - हे शिल्पविद्या में प्रवीणो ! जिससे हम लोग (प्रशस्तये) प्रशंसित (शुची) पवित्र (महि) महागुणयुक्त (द्यवी) प्रकाशमान को (अभि, उप, प्र, भरामहे) सब ओर से अच्छे प्रकार धारण करते हैं इससे (वाम्) आप दोनों अध्यापक और क्रिया करनेवालों की (उपस्तुतिम्) उपमायुक्त प्रशंसा करते हैं ॥५॥
Connotation: - जिनके समीप से शिल्प आदि विद्या ग्रहण की जाती हैं, उनका आदर मनुष्य सदा करें ॥५॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

'द्यवी-शुची'

Word-Meaning: - [१] हे (द्यवी) = द्योतमान-ज्ञान व शक्ति से चमकते हुए द्यावापृथिवी [मस्तिष्क व शरीर ] (वाम्) = आपकी (महि उपस्तुतिम्) = महनीय स्तुति को (अभि प्रभरामहे) = प्रातः-सायं धारण करते हैं प्रातः सायं दोनों समय मस्तिष्क व शरीर को उत्तम बनाने का ध्यान करते हैं। [२] (शुची) = पवित्र मस्तिष्क व शरीर को (प्रशस्तये) = प्रशस्त जीवन के लिए (उप) [गच्छामः ]= समीपता से प्राप्त होते हैं। मस्तिष्क व शरीर दोनों पवित्र हों, तो सब कर्म प्रशस्त ही होते हैं ।
Connotation: - भावार्थ- हमारे मस्तिष्क व शरीर 'द्यवी शुची' दीप्त व पवित्र हों।

SWAMI DAYANAND SARSWATI

अथ शिल्पविद्याशिक्षामाह ॥

Anvay:

हे शिल्पविद्याप्रवीणौ ! यतो वयं प्रशस्तये शुची महि द्यवी अभ्युप प्रभरामहे तस्माद् वामुपस्तुतिं कुर्महे ॥५॥

Word-Meaning: - (प्र) (वाम्) युवयोरध्यापकक्रियाकर्त्रोः (महि) महागुणे (द्यवी) द्योतमाने (अभि) (उपस्तुतिम्) उपमितां प्रशंसाम् (भरामहे) धरामहे (शुची) पवित्रे (उप) (प्रशस्तये) ॥५॥
Connotation: - येषां सकाशाच्छिल्पादिविद्या गृह्यन्ते तेषां मान्यं मनुष्याः सदा कुर्वन्तु ॥५॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - O resplendent heaven and earth, pure and unsullied, we offer earnest praise in honour to you and approach you with prayers.

ACHARYA DHARMA DEVA VIDYA MARTANDA

The training in technology is described.

Anvay:

O experts in arts, crafts and industries! as we praise the properties of pure, great and resplendent heaven and earth for our progress, we admire you- the teachers and workers.

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - Men should always honor the persons from whom they acquire the knowledge of technology, and other sciences.

MATA SAVITA JOSHI

N/A

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - ज्यांच्याकडून शिल्पविद्या ग्रहण केली जाते त्यांना माणसांनी सदैव मान द्यावा. ॥ ५ ॥