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किमादु॒तासि॑ वृत्रह॒न्मघ॑वन्मन्यु॒मत्त॑मः। अत्राह॒ दानु॒माति॑रः ॥७॥

English Transliteration

kim ād utāsi vṛtrahan maghavan manyumattamaḥ | atrāha dānum ātiraḥ ||

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Pad Path

किम्। आत्। उ॒त। अ॒सि॒। वृ॒त्र॒ऽह॒न्। मघ॑ऽवन्। म॒न्यु॒मत्ऽत॑मः। अत्र॑। अह॑। दानु॑म्। आ। अ॒ति॒रः॒ ॥७॥

Rigveda » Mandal:4» Sukta:30» Mantra:7 | Ashtak:3» Adhyay:6» Varga:20» Mantra:2 | Mandal:4» Anuvak:3» Mantra:7


SWAMI DAYANAND SARSWATI

फिर उसी विषय को अगले मन्त्र में कहते हैं ॥

Word-Meaning: - हे (मघवन्) श्रेष्ठ धनयुक्त (वृत्रहन्) शत्रुओं के नाश करनेवाले ! (मन्युमत्तमः) प्रशंसित क्रोधयुक्त आप सूर्य्य मेघ को जैसे वैसे (दानुम्) देनेवाले का (आ, अतिरः) नाश करते हैं, (अत्र, अह, आत्, किम्, उत) अहह इस विषय में तो क्या अनन्तर आप राजा भी (असि) हो ॥७॥
Connotation: - जो राजा दुष्टों के ऊपर अति क्रोध करने और श्रेष्ठों में अत्यन्त शान्ति रखनेवाला होता है, वही राज्य बढ़ा सकता है ॥७॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

दानवी वृत्तियों का दहन

Word-Meaning: - [१] हे (वृत्रहन्) = वासना को विनष्ट करनेवाले और (मघवन्) = ज्ञानैश्वर्यवाले प्रभो ! आप (किम्) = क्या ही (मन्युमत्तमः) = अत्यन्त उत्कृष्ट ज्ञानवाले हैं ? अनन्त है आपका ज्ञान । [२] (उत) = और (आत्) = शीघ्र ही आप (अत्र अह) = इस जीवन में ही (दानुम्) = हमारी दानवी वृत्ति को (आतिर:) = विनष्ट कर देते हैं। मैं आपकी उपासना करता हूँ। इस उपासना से ही आपकी उस ज्ञान की ज्वाला में मेरी सब वासनाएँ भस्म हो जाती हैं। सचमुच आश्चर्य होता है कि किस प्रकार मैं वासनाओं से परेशान हो रहा था। आपकी उपासना करते ही वे सब वासनाएँ अत्यन्त निर्बल पड़ जाती हैं, निर्बल क्या, विनष्ट ही हो जाती हैं।
Connotation: - भावार्थ- प्रभु ज्ञान की प्रचण्ड ज्वालावाले हैं, उसमें उपासक की सब दानवी वृत्तियाँ दग्ध हो जाती हैं ।

SWAMI DAYANAND SARSWATI

पुनस्तमेव विषयमाह ॥

Anvay:

हे मघवन् वृत्रहन् ! मन्युमत्तमस्त्वं सूर्य्यो मेघमिव दानुमातिरोऽत्राहाऽऽत् किमुत राजाऽसि ॥७॥

Word-Meaning: - (किम्) (आत्) आनन्तर्य्ये (उत) (असि) (वृत्रहन्) शत्रुनाशक (मघवन्) प्रशंसितधन (मन्युमत्तमः) प्रशंसितो मन्युः क्रोधो यस्य सोऽतिशयितः (अत्र) (अह) (दानुम्) दातारम् (आ) (अतिरः) हंसि ॥७॥
Connotation: - यो राजा दुष्टानामुपर्य्यतिक्रोधकृच्छ्रेष्ठेषु शान्ततमो भवति स एव राज्यं वर्द्धयितुमर्हति ॥७॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - And what more! You are, O lord ruler and commander of the wealth and power of the world, you are the most passionate lover of rectitude and fiercest destroyer of evil. And lo! you are the top redeemer of the generous and shatterer of the selfish.

ACHARYA DHARMA DEVA VIDYA MARTANDA

The theme of administration is dealt.

Anvay:

O king ! you are equipped with nice wealthy and annihilator of the enemies. As the sun thrashes means and are the clouds, the same way you finish the devils. Moreover, in other spheres also you rule over us.

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - The ruler who is deadly set against the wickeds and provides peace to the noble men, only such a ruler can extend the boundaries of his kingdom.

MATA SAVITA JOSHI

N/A

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - जो राजा दुष्टांवर अत्यंत क्रोध करतो व श्रेष्ठांशी शांततेने वागतो तोच राज्य वाढवू शकतो. ॥ ७ ॥