Go To Mantra
Viewed 387 times

शृ॒ण्वन्तु॑ नो॒ वृष॑णः॒ पर्व॑तासो ध्रु॒वक्षे॑मास॒ इळ॑या॒ मद॑न्तः। आ॒दि॒त्यैर्नो॒ अदि॑तिः शृणोतु॒ यच्छ॑न्तु नो म॒रुतः॒ शर्म॑ भ॒द्रम्॥

English Transliteration

śṛṇvantu no vṛṣaṇaḥ parvatāso dhruvakṣemāsa iḻayā madantaḥ | ādityair no aditiḥ śṛṇotu yacchantu no marutaḥ śarma bhadram ||

Mantra Audio
Pad Path

शृ॒ण्वन्तु॑। नः॒। वृष॑णः। पर्व॑तासः। ध्रु॒वऽक्षे॑मासः। इळ॑या। मद॑न्तः। आ॒दि॒त्यैः। नः॒। अदि॑तिः। शृ॒णो॒तु॒। यच्छ॑न्तु। नः॒। म॒रुतः॑। शर्म॑। भ॒द्रम्॥

Rigveda » Mandal:3» Sukta:54» Mantra:20 | Ashtak:3» Adhyay:3» Varga:27» Mantra:5 | Mandal:3» Anuvak:5» Mantra:20


SWAMI DAYANAND SARSWATI

फिर उसी विषय को अगले मन्त्र में कहते हैं।

Word-Meaning: - हे विद्वानो ! आप लोग (इळया) प्रशंसित वाणी के सहित वर्त्तमान (नः) हम लोगों कीर्त्तिमानों को (शृण्वन्तु) सुनो (वृषणः) वृष्टि करनेवाले (ध्रुवक्षेमासः) निश्चित रक्षा है जिनसे वे (पर्वतासः) मेघ जैसे वैसे हम लोगों की (मदन्तः) प्रसन्न हुए वृद्धि कर और (आदित्यैः) पूर्ण विद्वानों के साथ (अदितिः) माता (नः) हम लोगों को (शृणोतु) सुने (मरुतः) मनुष्य लोग (नः) हम लोगों के लिये (भद्रम्) कल्याण करनेवाले (शर्म) श्रेष्ठ गृह के सदृश सुख को (यच्छन्तु) देवें ॥२०॥
Connotation: - मनुष्यों को चाहिये कि सब प्राप्तियों से प्रथम उत्तम शिक्षा तदनन्तर विद्या पुनः सत्सङ्ग से कल्याणकारक आचरण उत्तम बातों का श्रवण और उपदेश करके सबके योग्य अर्थात् भोजन आच्छादन के निर्वाह और कल्याण को सिद्ध करें ॥२०॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

द्वारा 'ध्रुव-क्षेममय जीवन' का निर्माण

Word-Meaning: - [१] (नः) = हमारी प्रार्थना को (वृषण:) = हमारे में शक्ति का से करनेवाले (मरुत्) = [=प्राण] न (शृण्वन्तु) = सुनें। प्राणसाधना करते हुए हम अपने में शक्ति का संचार करें। [२] (ध्रुवक्षेमासः) = [क्षिः निवासे] ध्रुव निवासवाले अपने स्थान से न डिगनेवाले, (इडया) = अन्नों से (मदन्तः) = हर्ष को अनुभव करते हुए हमारे प्रार्थना- शब्दों को सुनें । पर्वतों पर नाना प्रकार की ओषधि वनस्पतियाँ प्रादुर्भूत होती हैं, उनसे पर्वत हराभरा प्रसन्न प्रतीत होता है। हम भी पर्वतों की तरह अपने मार्ग से अडिग हों तथा अन्नों का ही सेवन करते हुए आनन्द का अनुभव करें। [३] (आदित्यै:) = 'प्रकृति, जीव, परमात्मा' के ज्ञानवाले आदित्य विद्वानों के साथ (अदितिः) = स्वास्थ्य [अ-दिति] (नः शृणोतु) = हमारी प्रार्थना को सुने । हम स्वस्थ हों और सदा आदित्य विद्वानों का सम्पर्क प्राप्त करें। [४] (मरुतः) = प्राण (नः) = हमारे लिए (भद्रं शर्म) = कल्याणकारक सुख को (यच्छन्तु) = दें। प्राणसाधना करते हुए हम नीरोग व वासनाशून्य सुखी जीवनवाले हों।
Connotation: - भावार्थ- प्राणसाधना से हम शक्तिशाली व सुखी जीवनवाले हों। पर्वतों की तरह अपने मार्ग से अडिग बनें। स्वस्थ बनकर ज्ञानियों के संग से ज्ञान को बढ़ाएँ ।
Cross References: सूचना प्रस्तुत मन्त्र का प्रारम्भ व अन्त प्राणसाधना पर बल दे रहा है। वस्तुतः प्राणसाधना ही जीवन की निर्मात्री है।

SWAMI DAYANAND SARSWATI

पुनस्तमेव विषयमाह।

Anvay:

हे विद्वांसो भवन्त इळया सह वर्त्तमानान्नोऽस्माञ्छृण्वन्तु वृषणो ध्रुवक्षेमासः पर्वतास इवाऽस्मान्मदन्त उन्नयन्तु। आदित्यैः सहादितिर्नः शृणोतु मरुतो नो भद्रं शर्म यच्छन्तु ॥२०॥

Word-Meaning: - (शृण्वन्तु) (नः) अस्मान् कीर्त्तिमतः (वृषणः) वृष्टिकराः (पर्वतासः) मेघा इव (ध्रुवक्षेमासः) ध्रुवं निश्चितं क्षेमं रक्षणं येभ्यस्ते (इळया) प्रशंसितया वाचा (मदन्तः) हर्षन्तः (आदित्यैः) पूर्णविद्यैस्सह (नः) अस्मान् (अदितिः) माता (शृणोतु) (यच्छन्तु) ददतु (नः) अस्मभ्यम् (मरुतः) मानवाः (शर्म) उत्तमं गृहमिव सुखम् (भद्रम्) कल्याणकरम् ॥२०॥
Connotation: - मनुष्यैः सर्वाभ्यः प्राप्तिभ्य आदौ सुशिक्षा ततो विद्या पुनः सत्सङ्गकल्याणाऽऽचरणं श्रवणमुपदेशनञ्च कृत्वा सर्वेषां योगक्षेमौ संसाधनीयौ ॥२०॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Let the raining clouds, mighty mountains and constant stars at peace, ecstatic participants with the earth and cosmic energy, receive our signals. Let the constant inviolable energy of the cosmos with light of the stars radiate and reach us. Let the winds provide us the joy of well being and peaceful shelter.

ACHARYA DHARMA DEVA VIDYA MARTANDA

The attributes of the enlightened persons are stated.

Anvay:

O learned persons ! please hear us who are blessed with admirable speech. You shower happiness and your protection is assured and you are benevolent like the clouds and firm like the mountains. Gladly give us loftiness. May the mother along with the enlightened persons, illuminators of knowledge like the sun, hear us. Let all good and brave men bestow auspicious felicity upon us.

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - It is the duty of all men to receive good education, first of all the attainments, them achieving wisdom, then to have association with the wise and observance of noble conduct, Listen to the speech based on the scriptures. By doing all this, they could accomplish the welfare of all.

MATA SAVITA JOSHI

N/A

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - माणसांनी सर्व प्राप्तीमध्ये प्रथम उत्तम शिक्षण त्यानंतर विद्या पुन्हा सत्संगाने कल्याणकारक आचरण, उत्तम गोष्टींचे श्रवण व उपदेश करून भोजन, वस्त्रांचा निर्वाह करून योमक्षेम चालवावा. ॥ २० ॥