Go To Mantra
Viewed 462 times

प्रा॒ता रथो॒ नवो॑ योजि॒ सस्नि॒श्चतु॑र्युगस्त्रिक॒शः स॒प्तर॑श्मिः। दशा॑रित्रो मनु॒ष्यः॑ स्व॒र्षाः स इ॒ष्टिभि॑र्म॒तिभी॒ रंह्यो॑ भूत्॥

English Transliteration

prātā ratho navo yoji sasniś caturyugas trikaśaḥ saptaraśmiḥ | daśāritro manuṣyaḥ svarṣāḥ sa iṣṭibhir matibhī raṁhyo bhūt ||

Mantra Audio
Pad Path

प्रा॒तरिति॑। रथः॑। नवः॑। यो॒जि॒। सस्निः॑। चतुः॑ऽयुगः। त्रिऽक॒शः। स॒प्तऽर॑श्मिः। दश॑ऽअरित्रः। म॒नु॒ष्यः॑। स्वः॒ऽसाः। सः। इ॒ष्टिऽभिः॑। म॒तिऽभिः॑। रंह्यः॑। भू॒त्॥

Rigveda » Mandal:2» Sukta:18» Mantra:1 | Ashtak:2» Adhyay:6» Varga:21» Mantra:1 | Mandal:2» Anuvak:2» Mantra:1


SWAMI DAYANAND SARSWATI

अब नव चावाले अठारहवें सूक्त का आरम्भ है। उसके प्रथम मन्त्र में यान विषय को कहते हैं।

Word-Meaning: - हे विद्वान् शिल्पियों से जो (दशारित्रः) दश अरित्रोंवाला अर्थात् जिसमें दश रुकावट के साधन हैं (सस्निः) और जिसमें सोते हैं (चतुर्युगः) जो चार स्थानों में जोड़ा जाता (त्रिकशः) तीन प्रकार के गमन वा गमन साधन जिसमें विद्यमान (सप्तरश्मिः) जिसकी सात प्रकार की किरणें (नव) ऐसा नवीन (रथः) रथ और (स्वर्षा) जिससे सुख उत्पन्न हो ऐसा और (मनुष्यः) विचारशील मनुष्य (प्रातः) प्रभात समय में (योजि) युक्त किया जाता (सः) वह (इष्टिभिः) संगत हुईं और प्राप्त हुईं (मतिभिः) प्रज्ञाओं से (रंह्यः) चलाने योग्य (भूत्) होता है ॥१॥
Connotation: - जो मनुष्य ऐसे यान से जाने-आने को चाहें, वे निर्विघ्न गतिवाले हों ॥१॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

नवीन रथ

Word-Meaning: - १. (प्रातः) = प्रतिदिन प्रातः काल (रथः) = यह शरीररूप रथ (योजि) = इन्द्रियाश्वों से युक्त किया जाता है। यह रथ (नवः) = प्रतिदिन नवीन है। रात्रि को इसकी मरम्मत होकर यह प्रातः फिर से शक्तिसम्पन्न, दृढ़ व नया का नया हो जाता है-इसमें जीर्णता नहीं आती। (सस्निः) = यह शुद्ध होता है, इसकी मैल प्रतिदिन दूर कर दी जाती है । मैल ही तो इसको जीर्ण करने का कारण होती है। इस प्रकार यह निर्मलरथ (चतुर्युग:) = चार युगोंवाला होता है-चार युगों तक चलनेवाला—'ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ व संन्यास' रूप सब मञ्जिलों को पूरा करनेवाला बनता है। (त्रिकश:) = [कश गतिशासनयोः] ज्ञान, कर्म व भक्ति इन तीन मार्गों में गतिवाला होता है । (सप्तरश्मिः) = सात छन्दों से युक्त वेदवाणी से प्रकाश की किरणों को प्राप्त करनेवाला यह रथ है अथवा 'कर्णाविमौ नासिके चक्षुणी मुखम्' इन सात ऋषियों की प्रकाशरश्मियों वाला होता है। २. (दशारित्रः) = यह दश इन्द्रिय रूप दश अरियोंवाला है [अरित्रं = A part of a carriage] ये दश अरित्र इसकी गति का साधन बनते हैं [ऋ गतौ] । (मनुष्यः) = विचारशील पुरुष का यह हित करनेवाला है। उसे (स्वर्षाः) = स्वयं देदीप्यमान ज्योति प्रभु को प्राप्त कराता है। ३. यह शरीर रूप रथ (इष्टिभिः) = यज्ञों से तथा (मतिभिः) = बुद्धियों से रंह्यः = तीव्र गति के योग्य भूत् होता है। यदि मनुष्य यज्ञों व स्वाध्याय में प्रवृत्त रहे तो यह रथ सदा तीव्र गतिवाला बना रहता है।
Connotation: - भावार्थ - यह शरीर रूप रथ इसीलिए प्राप्त कराया गया है कि हम यज्ञों व स्वाध्याय में प्रवृत्त रहकर प्रभु को प्राप्त करनेवाले हों।

SWAMI DAYANAND SARSWATI

अथ यानविषयमाह।

Anvay:

हे विद्वन् शिल्पिभिर्यो दशारित्रः सस्निश्चतुर्युगस्त्रिकशः सप्तरश्मिर्नवो रथस्स्वर्षा मनुष्यश्च प्रातर्योजि स इष्टिभिर्मतिभी रंह्यो भूत् ॥१॥

Word-Meaning: - (प्रातः) प्रभाते (रथः) गमनसाधनं यानम् (नवः) नवीनः (योजि) अयोजि (सस्निः) शेते यस्मिन् सः (चतुर्युगः) यश्चतुर्षु युज्यते सः (त्रिकशः) त्रिधा कशा गमनानि गमनसाधनानि वा यस्मिन् (सप्तरश्मिः) सप्तविधा रश्मयः किरणा यस्य सः (दशारित्रः) दश अरित्राणि स्तम्भनसाधनानि यस्मिन् सः (मनुष्यः) मननशीलः (स्वर्षाः) स्वः सुखं सुनोति येन सः (इष्टिभिः) सङ्गताभिः (मतिभिः) प्रज्ञाभिः (रंह्यः) गमयितुं योग्यः (भूत्) भवति ॥१॥
Connotation: - ये मनुष्या ईदृग्यानेन यातुमायातुमिच्छेयुस्तेऽव्याहतगतयः स्युः ॥१॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Let the latest new chariot be harnessed this morning, winsome, bountiful and strongly structured, four powered, three geared, seven steered, with ten propellers, manmade chariot for humanity, self- generative for power which may be navigable with inbuilt intelligence, controlled and monitored by men.

ACHARYA DHARMA DEVA VIDYA MARTANDA

Knowledge about the transport and conveyances is imparted.

Anvay:

The sun has ten spokes inserted in the axle. It is jointed at four points with a three-type resources for its movements and has got seven-types of rays. It is always new and fresh like a chariot or conveyance. It brings happiness. O learned technologists! those wise person who associate themselves with that sun-chariot at the dawn, they acquire genius and wisdom to run it.

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - The person who travel in the aforesaid transport, their travels are always eventless.

MATA SAVITA JOSHI

येथे यान, पदार्थ, ईश्वर, विद्वान व उपदेशकाच्या बोधाचे वर्णन असल्यामुळे या सूक्ताच्या अर्थाची मागच्या सूक्ताच्या अर्थाबरोबर संगती जाणली पाहिजे.

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - माणसे अशा वाहनांनी जाऊ इच्छितात ज्या गतिमान वाहनांद्वारे निर्विघ्नपणे जाता-येता यावे. ॥ १ ॥