Go To Mantra

परि॑ त्वाग्ने॒ पुरं॑ व॒यं विप्रं॑ सहस्य धीमहि । धृ॒षद्व॑र्णं दि॒वेदि॑वे ह॒न्तारं॑ भङ्गु॒राव॑ताम् ॥

English Transliteration

pari tvāgne puraṁ vayaṁ vipraṁ sahasya dhīmahi | dhṛṣadvarṇaṁ dive-dive hantāram bhaṅgurāvatām ||

Pad Path

परि॑ । त्वा॒ । अ॒ग्ने॒ । पुर॑म् । व॒यम् । विप्र॑म् । स॒ह॒स्य॒ । धी॒म॒हि॒ । धृ॒षत्ऽव॑र्णम् । दि॒वेऽदि॑वे । ह॒न्तार॑म् । भ॒ङ्गु॒रऽव॑ताम् ॥ १०.८७.२२

Rigveda » Mandal:10» Sukta:87» Mantra:22 | Ashtak:8» Adhyay:4» Varga:9» Mantra:2 | Mandal:10» Anuvak:7» Mantra:22


Reads 391 times

BRAHMAMUNI

Word-Meaning: - (सहस्व-अग्ने) हे बलवन् ! अग्रणायक ! (त्वा पुरं विप्रम्) तुझ कामनाओं के पूरक मेधावी (धृषद्वर्णम्) धर्षकरूप प्रभावशाली (भङ्गुरावतां हन्तारम्) भञ्जन कर्मवालों के नाशक को (दिवेदिवे) प्रतिदिन (परि धीमहि) सब ओर मन में धारण करें ॥२२॥
Connotation: - परमात्मा पीड़ा देनेवालों को नष्ट कर रहा है, उसका स्मरण करना चाहिए ॥२२॥
Reads 391 times

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

प्रभु का धारण

Word-Meaning: - [१] हे (अग्ने) = परमात्मन् ! (सहस्य) = शत्रुओं का मर्षण करनेवालों में उत्तम प्रभो ! (वयम्) = हम (त्वा) = आपको (परिधीमहि) = अपने में धारण करते हैं, जो आप (पुरम्) = [पृ पालनपूरणयोः] हमारा पालन व पूरण करनेवाले हैं। हमारे शरीर आपकी कृपा से ही रोगों से आक्रान्त नहीं होते और हमारे मन न्यूनताओं से रहित रहते हैं । (विप्रम्) = ज्ञान को देकर आप हमारा विशेषरूप से पूरण करनेवाले हैं। ज्ञान से सब वासनाएँ दग्ध हो जाती हैं और इस प्रकार हमारे मन निर्मल हो जाते हैं। (धृषद्वर्णम्) = आपके गुणों का वर्णन व नामों का उच्चारण ही हमारे शत्रुओं का धर्षण करनेवाला है, [२] हे प्रभो! आपको हम (दिवे दिवे) = प्रतिदिन धारण करते हैं। उन आपको जो (भङ्गुरावताम्) = हमारा भंग करनेवाली राक्षसी वृत्तियों के (हन्तारम्) = नाश करनेवाले हैं।
Connotation: - भावार्थ - प्रभु - स्मरण हमारी अशुभवृत्तियों को नष्ट करता है ।
Reads 391 times

BRAHMAMUNI

Word-Meaning: - (सहस्व-अग्ने) हे बलवन् नायक ! (त्वा पुरं विप्रम्) त्वां पूरकं कामपूरकं मेधाविनं (धृषद्वर्णभङ्गुरावतां हन्तारम्) धर्षणरूपं भञ्जनकर्मवतां शत्रूणां हन्तारं (दिवेदिवे) प्रतिदिनं (परि धीमहि) परितो धारयेम ॥२२॥
Reads 391 times

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Agni, day in and day out all time, we celebrate and adore you, eternal giver of fulfilment, wise, resolute and brave, redoubtable vanquisher of the mischievous and destroyer of the destroyers of life and nature.