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आ न॑: प्र॒जां ज॑नयतु प्र॒जाप॑तिराजर॒साय॒ सम॑नक्त्वर्य॒मा । अदु॑र्मङ्गलीः पतिलो॒कमा वि॑श॒ शं नो॑ भव द्वि॒पदे॒ शं चतु॑ष्पदे ॥

English Transliteration

ā naḥ prajāṁ janayatu prajāpatir ājarasāya sam anaktv aryamā | adurmaṅgalīḥ patilokam ā viśa śaṁ no bhava dvipade śaṁ catuṣpade ||

Pad Path

आ । नः॒ । प्र॒ऽजाम् । ज॒न॒य॒तु॒ । प्र॒जाऽप॑तिः । आ॒ऽज॒र॒साय॑ । सम् । अ॒न॒क्तु॒ । अ॒र्य॒मा । अदुः॑ऽमङ्गलीः । प॒ति॒ऽलो॒कम् । आ । वि॒श॒ । शम् । नः॒ । भ॒व॒ । द्वि॒ऽपदे॑ । शम् । चतुः॑ऽपदे ॥ १०.८५.४३

Rigveda » Mandal:10» Sukta:85» Mantra:43 | Ashtak:8» Adhyay:3» Varga:28» Mantra:3 | Mandal:10» Anuvak:7» Mantra:43


BRAHMAMUNI

Word-Meaning: - (प्रजापतिः) प्रजापालक परमात्मा (नः प्रजाम्) हमारे लिये सन्तान को (आ जनयतु) भलीभाँति उत्पन्न करे (अर्यमा) सूर्य (आजरसाय) जरा अवस्था पर्यन्त (सम् अनक्तु) संयुक्त करे (अदुर्मङ्गलीः) हे वधू ! तू दुर्मङ्गलतारहित सुमङ्गलस्वभाव सहित हुई (पतिलोकम्-आ विश) मुझ पति के कुटुम्ब को प्राप्त हो (नः-द्विपदे शं चतुष्पदे शं भव) हमारे दो पैरवाले मनुष्यमात्र के लिये कल्याणकारी हो, चार पैरवाले पशु के लिये कल्याणकारी हो ॥४३॥
Connotation: - गृहस्थ में पति-पत्नी इस प्रकार सदाचरण से रहें कि सन्तान उत्पन्न हो, दोनों जरापर्यन्त जीवित रहें। पत्नी गृहलक्ष्मी बनी हुई कल्याणसाधक घर में रहे, कुटुम्ब में मेल से रहे, पारिवारिक जन और पशु का हित साधती रहे ॥४३॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

'पति' पत्नी से कहता है-

Word-Meaning: - [१] (प्रजापतिः) = सब प्रजाओं का रक्षक प्रभु (नः प्रजां आजनयतु) = हमारी सन्तान को उत्पन्न करे । प्रजापति की कृपा से हमें उत्तम सन्तान प्राप्त हो । (अर्यमा) = हमारे सब शत्रुओं का नियमन करनेवाला प्रभु (आजरसाय) = वृद्धावस्था पर्यन्त (समनक्तु) = हमें संगत करनेवाला हो। 'अर्यमा' शब्द का बोध यहाँ इस रूप में है कि कामादि शत्रुओं का नियमन करते हुए हम दीर्घजीवनवाले हों और हमारा साथ दीर्घकाल तक बना रहे। [३] (अदुर्मंगली:) = सब अमंगलों से रहित हुई हुई तू (पतिलोकं आविश) = इस पतिलोक में प्रवेश कर । तेरे आने से इस घर का मंगल सदा बढ़े ही, किसी प्रकार से घर का अमंगल न हो। तू (नः = हमारे (द्विपदे) = दो पाँववाले सब मनुष्यों के लिये (शं भव) = शान्ति को देनेवाली हो और (चतुष्पदे) = चार पाँववाले गवादि पशुओं के लिये भी तू शम् शान्ति को करनेवाली हो ।
Connotation: - भावार्थ- पत्नी वही ठीक है जो कि उत्तम सन्तान को जन्म देनेवाली हो और जिसके कारण घर में मंगल की वृद्धि हो ।

BRAHMAMUNI

Word-Meaning: - (प्रजापतिः-नः प्रजाम्-आ जनयतु) प्रजापालकः परमात्मास्मभ्यं सन्ततिं समन्तादुत्पादयतु (अर्यमा-आजरसाय सम् अनक्तु) आदित्यः-जरावस्थापर्यन्तमावां संयुक्तौ करोतु न वियोजयतु (अदुर्मङ्गलीः पतिलोकम्-आ विश) हे वधु ! त्वं दुर्मङ्गलभावरहिता सुमङ्गलभावसम्पन्ना सती मम पतिभूतस्य कुटुम्बं वंशं समन्तात् समाविश (नः द्विपदे शं चतुष्पदे शं भव) अस्माकं जनमात्राय पशुमात्राय च कल्याणकारिणी भव ॥४३॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - May Prajapati bless us with children, may Aryama bring us honour and glory upto the completion of a long full age, may the blessed wife abide with grace in the husband’s home of paradisal bliss, and may there be all round peace and well being for humans and animals all.