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नी॒ल॒लो॒हि॒तं भ॑वति कृ॒त्यास॒क्तिर्व्य॑ज्यते । एध॑न्ते अस्या ज्ञा॒तय॒: पति॑र्ब॒न्धेषु॑ बध्यते ॥

English Transliteration

nīlalohitam bhavati kṛtyāsaktir vy ajyate | edhante asyā jñātayaḥ patir bandheṣu badhyate ||

Pad Path

नी॒ल॒ऽलो॒हि॒तम् । भ॒व॒ति॒ । कृ॒त्या । आ॒स॒क्तिः । वि । अ॒ज्य॒ते॒ । एध॑न्ते । अ॒स्याः॒ । ज्ञा॒तयः॑ । पतिः॑ । ब॒न्धेषु॑ । ब॒ध्य॒ते॒ ॥ १०.८५.२८

Rigveda » Mandal:10» Sukta:85» Mantra:28 | Ashtak:8» Adhyay:3» Varga:25» Mantra:3 | Mandal:10» Anuvak:7» Mantra:28


BRAHMAMUNI

Word-Meaning: - (नीललोहितं भवति) जब नीलवर्णयुक्त रक्त-रज होता है, कन्या रजस्वला होती है, तब (आसक्तिः) पतिकामवासना (कृत्या व्यज्यते) क्रिया व्यक्त सफल हो जाती है (अस्याः) इस वधू की (ज्ञातयः-वर्धन्ते) सन्ततियाँ बढ़ती हैं (पतिः) इसका पति (बन्धेषु) कर्तव्यबन्धनों में (बध्यते) बन्ध जाता है ॥२८॥
Connotation: - वधू के रजस्वला हो जाने पर पति के प्रति इसकी कामवासना जाग जाती है, पुनः सन्तानों का उत्पन्न होना चालू हो जाता है, फिर पति भी सन्तानों के पालन कर्तव्यबन्धनों में बन्ध जाता है ॥२८॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

अनुराग तथा क्रियाशीलता

Word-Meaning: - [१] [पूर्वं नीलंपश्चात् लोहितं इति नील लोहितं] ब्रह्मचर्याश्रम में जो हृदय सांसारिक रंगों में न रंगा जाकर बिल्कुल नीरंग [=कृष्ण ] - सा था अब गृहस्थ में आने पर वह (लोहित) = प्रेम की कुछ लालिमावाला (भवति) = होता है । 'अनुराग' शब्द कुछ लालिमा के भाव को व्यक्त कर रहा है । इस युवति का हृदय अब बिल्कुल प्रेयशून्य, ठण्डा-ही-ठण्डा नहीं है। ऐसा होने पर तो यह पति के जीवन को बड़ी उदासवाला बना देती । यह पति के प्रेम की पूर्ण प्रतिक्रियावाली होती है । [२] इसके जीवन में (कृत्यासक्तिः) = कर्मों के प्रति रुचि (व्यज्यते) = प्रकट होती है। यह कर्मों में बड़ी दिलचस्पी लेती है, अकर्मण्यवाला इसका जीवन नहीं। [३] इन दो बातों के होने पर, अर्थात् प्रेमपूर्ण हृदय तथा कर्मों में रुचिवाली जब यह युवति होती है तो (अस्याः) = इसके (ज्ञातयः) = सब रिश्तेदार-सम्बन्धी राधन्ते बढ़ते हैं, अर्थात् सबको बड़ी प्रसन्नता होती है और सबसे महत्त्वपूर्ण बात तो यह कि (पतिः) = इसके पति (बन्धेषु बध्यते) = स्नेहपाशों से इसके साथ बद्ध हो जाते हैं। अर्थात् पति को पत्नी पर पूर्ण प्रेम होता है।
Connotation: - भावार्थ- वधू प्रेममय हृदय से तथा अपनी क्रियाशीलता से सभी को अपनानेवाली होती हैऔर पति के पूर्ण प्रेम को प्राप्त कर पाती है ।

BRAHMAMUNI

Word-Meaning: - (नीललोहितं भवति) यदा नीलवर्णयुक्तं रक्तं रजो भवति कन्या रजस्वला भवति, तदा (आसक्तिः कृत्या व्यज्यते) पतिकामवासना क्रिया सफला भवति (अस्याः-ज्ञातयः-वर्धन्ते) अस्या वध्वाः-ज्ञातयः सन्ततयो वर्धन्ते, तदैव (पतिः-बन्धेषु बध्यते) पतिर्बन्धनेषु-कर्तव्यबन्धनेषु बध्यते ॥२८॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Then the blood grows dark and red, love and desire vibrates for fulfilment, the near kinsmen of this bride swell with hope and expectation, and the husband is bound in new responsibilities.