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अश्वा॑वन्तं र॒थिनं॑ वी॒रव॑न्तं सह॒स्रिणं॑ श॒तिनं॒ वाज॑मिन्द्र । भ॒द्रव्रा॑तं॒ विप्र॑वीरं स्व॒र्षाम॒स्मभ्यं॑ चि॒त्रं वृष॑णं र॒यिं दा॑: ॥

English Transliteration

aśvāvantaṁ rathinaṁ vīravantaṁ sahasriṇaṁ śatinaṁ vājam indra | bhadravrātaṁ vipravīraṁ svarṣām asmabhyaṁ citraṁ vṛṣaṇaṁ rayiṁ dāḥ ||

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Pad Path

अश्व॑ऽवन्तम् । र॒थिन॑म् । स॒ह॒स्रिण॑म् । श॒तिन॑म् । वाज॑म् । इ॒न्द्र॒ । भ॒द्रऽव्रा॑तम् । विप्र॑ऽवीरम् । स्वः॒ऽसाम् । अ॒स्मभ्य॑म् । चि॒त्रम् । वृष॑णम् । र॒यिम् । दाः॒ ॥ १०.४७.५

Rigveda » Mandal:10» Sukta:47» Mantra:5 | Ashtak:8» Adhyay:1» Varga:3» Mantra:5 | Mandal:10» Anuvak:4» Mantra:5


BRAHMAMUNI

Word-Meaning: - (अश्वावन्तम्) अश्व के समान व्याप्तिवाले (रथिनम्) मुमुक्षुओं के रमणयोग्य मोक्षवाले (वीरवन्तम्) अध्यात्मवीरों के स्वामी (सहस्रिणं शतिनं वाजम्) सहस्रगुणित तथा असंख्यगुणित, अमृतान्नरूप (भद्रव्रातम्) कल्याणकारी वस्तुओं के स्वामी (विप्रवीरम्) मेधावी उपासकवाले (स्वर्षाम्) सुखसम्पादक-सुखदाता परमात्मा को हम जानते हैं-मानते हैं (अस्मभ्यम्…) पूर्ववत् ॥५॥
Connotation: - व्याप्तिमान्-सबमें व्याप्त, मुमुक्षुओं के मोक्ष का स्वामी, अध्यात्मवीरों का स्वामी, सहस्रों और असंख्य अमृतान्न भोगों का स्वामी, कल्याणकारी वस्तु समूहों का स्वामी, मेधावी उपासकों का स्वामी परमात्मा मनुष्यों का सुखसम्भाजक जानने-मानने योग्य है, वह धन और सुखों से हमें अवश्य संपन्न करता है ॥५॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

उत्तम शरीर व इन्द्रियोंवाला

Word-Meaning: - [१] हे (इन्द्र) = परमैश्वर्यशालिन् प्रभो ! (अस्मभ्यम्) = हमारे लिये (रयिं दाः) = पुत्ररूप धन दीजिए जो पुत्र [क] (अश्वावन्तम्) = इन्द्रियरूप उत्तम अश्वोंवाला है। [ख] (रथिनम्) = जिस का शरीर रथ प्रशस्त है, [ग] (वीरवन्तम्) = जो प्रशस्त वीरतावाला है, [घ] (सहस्रिणम्) = [स- हस्] प्रसन्न मनोवृत्तिवाला अथवा smiliny face वाला है, हँसते हुए चेहरेवाला है [ ईषत् हास्य युक्त है,][ङ] (शतिनम्) = सौ वर्ष तक के जीवन को प्राप्त करनेवाला है, [च] (वाजम्) = शक्ति का पुञ्ज है। [छ] (भद्रव्रातम्) = जिसके सभी गण भद्र हैं, शरीर के पञ्चभूत, पाँच कर्मेन्द्रियाँ, पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ पाँच प्राण तथा अन्त:करण पंचक ये सभी उत्तम हैं। [ज] (विश्ववीरम्) = विप्रों में वीर है, [झ] (स्वर्षाम्) = प्रकाश का सेवन करनेवाला है अथवा सब के साथ बाँटकर खानेवाला है। [ञ] (चित्रम्) = ज्ञान का देनेवाला है और [ट] (वृषणम्) = शक्तिशाली है व सुखों का वर्षण करनेवाला है ।
Connotation: - भावार्थ- हमारे सन्तान उत्तम शरीर व इन्द्रियोंवाले हों ।

BRAHMAMUNI

Word-Meaning: - (अश्वावन्तम्) अश्ववद्व्याप्तधर्माणम् (रथिनम्) मुमुक्षूणां रमणस्थानं मोक्षस्तद्वन्तम् (वीरवन्तम्) अध्यात्मवीराणां स्वामिनम् (सहस्रिणं शतिनं वाजम्) सहस्रगुणितं तथासंख्यगुणिवाजममृतान्नरूपम् (भद्रव्रातम्) भद्राणि कल्याणकराणि वस्तुवृन्दानि यस्य तथाभूतम् (विप्रवीरम्) विप्रा मेधाविन उपासका वीराः पुत्राः “पुत्रो वै वीरः” [श० ३।३।१।१२]  यस्य तथाभूतम् (स्वर्षाम्) सुखसम्भाजकं सुखदातारं विद्म जानीमः (अस्मभ्यम्…) पूर्ववत् ॥५॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - We know you, Indra, equipped with dynamic forces, cosmic chariot and brave powers of the world, abundant in hundredfold, thousandfold, even infinite energy, power and victory, assisted by excellent powers of natural law, served by the wise and brave sages, the lord all blissful. Pray give us abundant and wondrous wealth of the wonderful world of life.