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महि॒ ज्योति॒र्बिभ्र॑तं त्वा विचक्षण॒ भास्व॑न्तं॒ चक्षु॑षेचक्षुषे॒ मय॑: । आ॒रोह॑न्तं बृह॒तः पाज॑स॒स्परि॑ व॒यं जी॒वाः प्रति॑ पश्येम सूर्य ॥

English Transliteration

mahi jyotir bibhrataṁ tvā vicakṣaṇa bhāsvantaṁ cakṣuṣe-cakṣuṣe mayaḥ | ārohantam bṛhataḥ pājasas pari vayaṁ jīvāḥ prati paśyema sūrya ||

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Pad Path

महि॑ । ज्योतिः॑ । बिभ्र॑तम् । त्वा॒ । वि॒ऽच॒क्ष॒ण॒ । भास्व॑न्तम् । चक्षु॑षेऽचक्षुषे । मयः॑ । आ॒ऽरोह॑न्तम् । बृ॒ह॒तः । पाज॑सः । परि॑ । व॒यम् । जी॒वाः । प्रति॑ । प॒श्ये॒म॒ । सू॒र्य॒ ॥ १०.३७.८

Rigveda » Mandal:10» Sukta:37» Mantra:8 | Ashtak:7» Adhyay:8» Varga:13» Mantra:2 | Mandal:10» Anuvak:3» Mantra:8


BRAHMAMUNI

Word-Meaning: - (सूर्य) हे ज्ञानप्रकाशक परमात्मन् ! या सूर्य ! (त्वा) तुझ (महि ज्योतिः बिभ्रतम्) महान् ज्योति धारण करते हुए को (भास्वन्तम्) प्रकाशवाले (चक्षुषे चक्षुषे मयः) प्रति नेत्रवाले प्राणिमात्र के लिए, सुखरूप-सुखप्रद को (बृहतः पाजसः-परि-आरोहन्तम्) महान् विस्तृत पालनीय संसार के ऊपर अधिष्ठित हुए को (वयं जीवाः) हम जीते हुए (प्रति पश्येम) साक्षात् करें-प्रत्यक्ष देखें ॥८॥
Connotation: - महान् ज्योति को धारण किये परमात्मा या सूर्य का आश्रय लेने से प्रत्येक नेत्रवान् प्राणी को दर्शनशक्ति और जीवनशक्ति मिलती है ॥८॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

बुद्धि, मन व आँखें

Word-Meaning: - [१] हे (विचक्षण) = सबका विशेषरूप से ध्यान करनेवाले (सूर्य) = सवितः ! (वयं जीवाः) = हम जीवनधारी प्राणी (बृहतः पाजसः परि) = वृद्धि की कारणभूत शक्ति का लक्ष्य करके (आरोहन्तम्) = आकाश में आरोहण करते हुए (त्वा) = तुझे (प्रतिपश्येम) = प्रतिदिन देखनेवाले हों । उदय होता हुआ सूर्य रोग- कृमियों को नष्ट करता है और इस प्रकार हमें नीरोग बनाकर यह हमारी शक्ति का वर्धन करता है । यह 'हिरण्पाणि' है, इसकी किरणरूप हाथों में स्वर्ण होता है, यह उस स्वर्ण को हमारे शरीरों में निक्षिप्त करके हमें शक्ति सम्पन्न करता है । [२] हे सूर्य ! उस तुझको हम देखें जो (माहि ज्योतिः बिभ्रतम्) = महनीय ज्योति को धारण कर रहा है। (भास्वन्तम्) = दीप्तिवाला है । (चक्षुषेचक्षुषे मयः) = आँख मात्र के लिये हितकर है, दृष्टि शक्ति को बढ़ानेवाला है। इस सूर्य की किरणों को अपने शरीरों पर लेते हुए हम भी अपनी बुद्धि में महनीय ज्योति को धारण करते हैं, हमारे हृदय प्रकाशमय हो उठते हैं और हमारी आँखें नीरोग होकर तीव्र दृष्टि शक्तिवाली बनती हैं।
Connotation: - भावार्थ - सूर्य 'बुद्धि, मन व शरीर' सभी को स्वस्थ करनेवाला है। बुद्धि को ज्योति देता है, हृदय को प्रकाश तथा आँखों को नीरोगता ।

BRAHMAMUNI

Word-Meaning: - (सूर्य) हे जगत्प्रकाशक परमात्मन् ! सूर्य ! वा (त्वा) त्वाम् (महि ज्योतिः-बिभ्रतम्) महज्ज्योतिर्धारयन्तम् (भास्वन्तम्) प्रकाशवन्तम् (चक्षुषे चक्षुषे मयः) प्रतिनेत्राय-प्रतिनेत्रवते जनाय यद्वा प्रतिनेत्रवते प्राणिमात्रस्य सुखरूपं सुखप्रदं त्वाम् (बृहतः पाजसः-परि आरोहन्तम्) महतो विस्तृतस्य पालनीयस्य संसारस्य “पाजः पालनात्” [निरु० ६।१२] परि-अधितिष्ठन्तम् (वयं जीवाः) वयं जीवन्तः (प्रति पश्येम) साक्षात्कुर्याम प्रत्यक्षं पश्येम वा ॥८॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - O sun, lord of vision watching all, we pray that while we live a long and full life time here on earth, we may continue to see you as the divine power bearing great light of life, shining bright and blessing every living eye with light and joy, and rising high over the vast order of mighty time and the world of existence.