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त्रि॒प॒ञ्चा॒शः क्री॑ळति॒ व्रात॑ एषां दे॒व इ॑व सवि॒ता स॒त्यध॑र्मा । उ॒ग्रस्य॑ चिन्म॒न्यवे॒ ना न॑मन्ते॒ राजा॑ चिदेभ्यो॒ नम॒ इत्कृ॑णोति ॥

English Transliteration

tripañcāśaḥ krīḻati vrāta eṣāṁ deva iva savitā satyadharmā | ugrasya cin manyave nā namante rājā cid ebhyo nama it kṛṇoti ||

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Pad Path

त्रि॒ऽप॒ञ्चा॒शः । क्री॒ळ॒ति॒ । व्रातः॑ । ए॒षा॒म् । दे॒वःऽइ॑व । स॒वि॒ता । स॒त्यऽध॑र्मा । उ॒ग्रस्य॑ । चि॒त् । म॒न्यवे॑ । न । न॒म॒न्ते॒ । राजा॑ । चि॒त् । ए॒भ्यः॒ । नमः॑ । इत् । कृ॒णो॒मि॒ ॥ १०.३४.८

Rigveda » Mandal:10» Sukta:34» Mantra:8 | Ashtak:7» Adhyay:8» Varga:4» Mantra:3 | Mandal:10» Anuvak:3» Mantra:8


BRAHMAMUNI

Word-Meaning: - (एषां व्रातः) इन पाशों का समूह (सत्यधर्मा सविता देवः-इव) स्थिर नियमवाले सूर्यदेव के समान प्रभावकारी (त्रिपञ्चाशः क्रीडति) तीन और पाँच अर्थात् आठों दिशाओं में खेलता है-विहार करता है (उग्रस्य मन्यवे चित्-न नमन्ते) ये पाशे क्रूर के क्रोध के लिये-क्रोध के आगे नहीं झुकते हैं (राजा चित्-एभ्यः-नमः-इत् कृणोति) राजा भी इनके लिये नमस्कार करता है-इनके वश हो जाता है। ये ऐसे दुष्प्रभावकारी हैं, इनसे न खेलना चाहिए ॥८॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

त्रेपन पासे

Word-Meaning: - [१] (एषाम्) = इन पासों का (त्रिपञ्चाश:) = त्रेपन [५३] संख्या से गणित (व्रातः) = समूह (क्रीडति) = द्यूत-फलक पर इस प्रकार खेलता है (इव) = जैसे कि (सत्यधर्मा) = सत्य का धारण करनेवाला (सविता) = सबका प्रेरक (देवः) = दिव्यगुणोंवाला महान् खिलाड़ी [दिव्-क्रीडा] वह प्रभु इस भुवन- फलक पर जीवरूपी पासों से खेलता है। वस्तुतः ये पासों का समूह भी कितने ही व्यक्तियों को अपना शिकार बनाता है । [२] ये पासे (उग्रस्य) = बड़े तीव्र स्वभाववाले अथवा बड़े भारी [ noble ] धनी पुरुष के (मन्यवे चित्) = क्रोध के लिये भी न नहीं आनमन्ते जरा भी झुकते । बड़े-से-बड़ा धन-सम्पन्न पुरुष भी अपने क्रोध से इन पासों को वशीभूत नहीं कर सकता। (राजा चित्) = स्वयं राजा भी (एभ्यः) = इनके लिये (नमः इत्) = नमस्कार को ही (कृणोति) = करता है । राजा भी इनकी प्रबलता को स्वीकार करता है । व्यसनाभिभूत पुरुष इन पासों को देव तुल्य प्रणाम करता है ।
Connotation: - भावार्थ-ये पासे कितने ही व्यक्तियों के जीवन के साथ खेल जाते हैं। इनकी प्रबलता उग्र से उग्र पुरुष व राजा भी स्वीकार करता है ।

BRAHMAMUNI

Word-Meaning: - (एषां व्रातः) एतेषामक्षाणां समूहः (सत्यधर्मा सविता-देवः इव) स्थिरनियमवान् सूर्यो देव इव प्रभावकारी (त्रिपञ्चाशः क्रीडति) त्रयश्च पञ्च च त्रिपञ्च-अष्टसंख्याकदिशस्तासु दीर्घश्छन्दसि “अन्येषामपि दृश्यते” [अष्टा०६।३।१२५] विहरति, (उग्रस्य मन्यवे चित्-न नमन्ते) एतेऽक्षाः क्रूरस्य क्रोधाय तत्कोधाग्रे न नम्रीभवन्ति (राजा चित्-एभ्यः-नमः-इत् कृणोति) राजाऽपि खल्वेभ्योऽक्षेभ्यो नमस्कारं करोति-एषां वशीभवति तथाभूता दुष्प्रभावकारिण एते, न तैः सह क्रीडनीयं कदाचित् ॥८॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - The group of fifty-three of those dice is played strictly within unsparing mles of the game like the divine sun observing the laws of its motion. They do not bow even to the strongest of men, indeed the ruler bows and offers obeisance to the dice (if he too is addicted).