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प्रा॒वे॒पा मा॑ बृह॒तो मा॑दयन्ति प्रवाते॒जा इरि॑णे॒ वर्वृ॑तानाः । सोम॑स्येव मौजव॒तस्य॑ भ॒क्षो वि॒भीद॑को॒ जागृ॑वि॒र्मह्य॑मच्छान् ॥

English Transliteration

prāvepā mā bṛhato mādayanti pravātejā iriṇe varvṛtānāḥ | somasyeva maujavatasya bhakṣo vibhīdako jāgṛvir mahyam acchān ||

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Pad Path

प्रा॒वे॒पाः । मा॒ । बृ॒ह॒तः । मा॒द॒य॒न्ति॒ । प्र॒वा॒ते॒ऽजाः । इरि॑णे । वर्वृ॑तानाः । सोम॑स्यऽइव । मौ॒ज॒ऽव॒तस्य॑ । भ॒क्षः । वि॒ऽभीद॑कः । जागृ॑विः । मह्य॑म् । अ॒च्छा॒न् ॥ १०.३४.१

Rigveda » Mandal:10» Sukta:34» Mantra:1 | Ashtak:7» Adhyay:8» Varga:3» Mantra:1 | Mandal:10» Anuvak:3» Mantra:1


BRAHMAMUNI

इस सूक्त में द्यूत-जुआ खेलने के दुष्परिणाम दिखलाते हुए कृषि की प्रशंसा दिखलाई है।

Word-Meaning: - (बृहतः प्रावेपाः) महान् विभीदक वृक्ष के फल-अक्ष कम्पनशील या कम्पानेवाले हैं (प्रवातेजाः) निम्न स्थान पर्वत की उपत्यका में उत्पन्न हुए (इरिणे वर्वृतानाः) जलरहित ओषधिरहित वनप्रदेश में होनेवाले (मा मादयन्ति) मुझे हर्षित करते हैं (मौजवतस्य सोमस्य इव भक्षः) मूँजवाले पर्वत पर उत्पन्न हुए सोम ओषधि विशेष के भक्षण की भाँति विभीदक वृक्ष के फल का भक्षण स्वादवाला द्यूतक्रीडन-स्थान में होता है (मह्यं-जागृविः-अच्छान्) मुझे जागृति देनेवाला होता मेरे ऊपर छाया हुआ है ॥१॥
Connotation: - अक्ष जुआ खेलने के पाशे जुआरी को जुआ खेलने में सोमपान जैसा हर्ष अनुभव कराते हैं और जागृति देते हैं, ऐसा वह समझा करता है ॥१॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

अक्षों की मादकता

Word-Meaning: - [१] (बृहतः) = महान् विभीतक वृक्ष के विकारभूत अक्ष (प्रवातेजाः) = प्रवण [निम्न ] देश में उत्पन्न हुए हैं, पहाड़ की तराई में इनकी उत्पत्ति हुई है । अथवा प्रकृष्ट वायुवाले स्थान में इनका जन्म हुआ है, सम्भवत: इसीलिए ये हमारे मनों की भी चञ्चलता का कारण बनते हैं । (इरिणे वर्वृताना:) = अक्ष-फलक पर इधर-उधर वर्तमान होते हुए ये पासे (प्रावेपाः) = मेरे प्रकृष्ट कम्प का कारण बनते हैं। 'जय होगी अथवा पराजय होगी' इस विचार से ये मुझे भयभीत करते हैं और (मा मादयन्ति) = मेरे में एक विचित्र - सा नशा पैदा कर देते हैं । [२] (मौजवतस्य) = मुञ्जवान् पर्वत पर होनेवाले (सोमस्य) = सोम का (भक्षः) = भोजन (इव) = जैसे एक अद्भुत मस्ती को देता है उसी प्रकार यह (जागृवि:) = मुझे सदा चिन्ता के कारण जगानेवाला अथवा अत्यन्त सावधान रखनेवाला (विभीदकः) = विभीतक वृक्ष का विकारभूत यह अक्ष (मह्यं अच्छान्) = [मां अचच्छदत् - मादयति ] मुझे मादित करता है। एक विचित्र से नशे को मेरे में ले आता है।
Connotation: - भावार्थ- द्यूत के साधनभूत अक्ष जुआरी के अन्दर एक विचित्र से मद को पैदा करनेवाले होते हैं ।

BRAHMAMUNI

अत्र सूक्ते द्यूतकीडाया दुष्परिणामप्रदर्शनपूर्विका निन्दा कृषिप्रशंसा च प्रदर्श्यते।

Word-Meaning: - (बृहतः प्रावेपाः) महतो विभीतकस्य फलानि-अक्षाः प्रवेपिणः प्रकम्पनशीलाः “प्रवेपिणो महतो विभीदकस्य फलानि” [निरु०९।६] (प्रवातेजाः) निम्नस्थाने पर्वतस्योपत्यके जाताः “प्रवातेजाः प्रवणे जाः” [निरु०९।६] (इरिणे वर्वृतानाः) निर्जले निरोषधिके प्रदेशे जङ्गले वर्त्तमानाः [निरु०९।६] (मा मादयन्ति) मां हर्षयन्ति (मौजवतस्य सोमस्य-इव भक्षः) मूजवति मुञ्जवति पर्वते जातस्य “मूजवान् पर्वतो मुञ्जवान्” [निरु०९।६] सोमस्यौषधिविशेषस्य भक्षो भक्षणं यथा तथा विभीदकस्तत्फलभक्षो भक्षणं स्वादु देवने द्यूतक्रीडने भवति (मह्यं जागृविः-अच्छान्) मह्यं जगृतिप्रदः सन् मामचच्छदत् ॥१॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - The large quivering dice, made of vibhidika tree grown on grassy green mountain slopes, shaking and rolling awesome on the dice board, tantalise me like the sight of exhilarating drink from a munja grass covered mountain valley, they excite me and I lose my sleep.