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इ॒नो वाजा॑नां॒ पति॑रि॒नः पु॑ष्टी॒नां सखा॑ । प्र श्मश्रु॑ हर्य॒तो दू॑धो॒द्वि वृथा॒ यो अदा॑भ्यः ॥

English Transliteration

ino vājānām patir inaḥ puṣṭīnāṁ sakhā | pra śmaśru haryato dūdhod vi vṛthā yo adābhyaḥ ||

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Pad Path

इ॒नः । वाजा॑नाम् । पतिः॑ । इ॒नः । पु॒ष्टी॒नाम् । सखा॑ । प्र । श्मश्रु॑ । ह॒र्य॒तः । दू॒धो॒त् । वि । वृथा॑ । यः । अदा॑भ्यः ॥ १०.२६.७

Rigveda » Mandal:10» Sukta:26» Mantra:7 | Ashtak:7» Adhyay:7» Varga:14» Mantra:2 | Mandal:10» Anuvak:2» Mantra:7


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BRAHMAMUNI

Word-Meaning: - (इनः) पोषणकर्त्ता परमात्मा जगत् का स्वामी (वाजानां पतिः) बलों का स्वामी (इनः पुष्टीनां सखा) आत्म-पुष्टिवालों का पालक स्वामी (हर्यतः) कामयमान स्तोता उपासक के (श्मश्रु) सब अङ्गों के रोमों को (वृथा प्र दूधोत्) अनायास प्रहर्षित करता है (यः-अदाभ्यः) जो परमात्मा अहिंसनीय है ॥७॥
Connotation: - परमात्मा सब जगत् का स्वामी सब बलों का स्वामी सब आत्मा-पुष्टिवालों का सखारूप स्वामी है। कामना करनेवाले उपासक का रोम हर्षित कर देता है। ऐसा वह अबाध्य स्वामी उपासनायोग्य है ॥७॥
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HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

मलापहरण

Word-Meaning: - [१] वे प्रभु (इनः) = स्वामी हैं, (वाजानाम्) = सब अन्नों व शक्तियों के (पतिः) = पति हैं । [२] (इन:) = ब्रह्माण्ड के स्वामी प्रभु (पुष्टीनाम्) = अपना पोषण करनेवालों के (सखा) = मित्र हैं । प्रभु निर्बलों के मित्र नहीं 'नायमात्मा बलहीनेन लभ्यः ' । विलासमय जीवन ही हमें 'क्षीणायु' बनाता है, यह विलासी पुरुष ही प्रभु की कृपा दृष्टि को प्राप्त नहीं करता । [३] वे (हर्यतः) = जाने योग्य व चाहने योग्य प्रभु (श्मश्रु) = [श्मनि श्रितं नि०] शरीर में आश्रित 'इन्द्रियों, मन व बुद्धि' को (प्र दूधोद्) = प्रकर्षेण कम्पित करके निर्मल करनेवाले हैं। जैसे झाड़कर कपड़े के मल को दूर कर दिया जाता है, उसी प्रकार वे प्रभु हमारी इन्द्रियों, मन व बुद्धि को भी झाड़कर निर्मल बना देते हैं । इन्द्रियों की निर्बलता दूर हो जाती है, मन की मैल भस्मीभूत चकनाचूर हो जाती है और बुद्धि उज्ज्वल हो उठती है । [४] 'इतने अनन्त जीवों के मलों को वे प्रभु कैसे दूर सकते होंगे' ? इस शंका का करना व्यर्थ है, वे अनन्त शक्ति प्रभु इन अपने एक देश में होनेवाले जीवों को (वृथा) = अनायास ही (वि दूधोद्) = विशिष्टरूप से झाड़कर ठीक कर देते हैं। वे प्रभु तो वे हैं (यः) = जो (अदाभ्यः) = किसी से हिंसित होनेवाले नहीं ।
Connotation: - भावार्थ- वे प्रभु सबके स्वामी हैं। वे प्रभु ही चाहनेवालों व प्रभु की ओर जानेवालों के मलों का अपहरण करते हैं।
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BRAHMAMUNI

Word-Meaning: - (इनः) स पूषा पोषयिता स्वामी परमात्मा (वाजानां पतिः) बलानां स्वामी (इनः पुष्टीनां सखा) स परमात्मा पोषणानां पालकः सखा (हर्यतः) कामयमानस्य स्तोतुः (श्मश्रु) श्मश्रूणि सर्वाङ्गाणां रोमाणि हर्षेण (वृथा प्रदूधोत्) अनायासेन प्रधुनोति प्रहर्षयति (यः-अदाभ्यः) यः पूषा परमात्माऽहिंस्योऽस्ति ॥७॥
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DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Mighty Pusha is the master controller of energies and powers of the world, generous friends of growth and progress, spontaneous energises and inspirer of rising youth, and he is the unchallengeable supreme power over all.