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ग्री॒वाभ्य॑स्त उ॒ष्णिहा॑भ्य॒: कीक॑साभ्यो अनू॒क्या॑त् । यक्ष्मं॑ दोष॒ण्य१॒॑मंसा॑भ्यां बा॒हुभ्यां॒ वि वृ॑हामि ते ॥

English Transliteration

grīvābhyas ta uṣṇihābhyaḥ kīkasābhyo anūkyāt | yakṣmaṁ doṣaṇyam aṁsābhyām bāhubhyāṁ vi vṛhāmi te ||

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Pad Path

ग्री॒वाभ्यः॑ । ते॒ । उ॒ष्णिहा॑भ्यः । कीक॑साभ्यः । अ॒नू॒क्या॑त् । यक्ष्म॑म् । दो॒ष॒ण्य॑म् । अंसा॑भ्याम् । बा॒हुऽभ्याम् । वि । वृ॒हा॒मि॒ । ते॒ ॥ १०.१६३.२

Rigveda » Mandal:10» Sukta:163» Mantra:2 | Ashtak:8» Adhyay:8» Varga:21» Mantra:2 | Mandal:10» Anuvak:12» Mantra:2


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BRAHMAMUNI

Word-Meaning: - (ते) हे रोगी ! तेरे (ग्रीवाभ्यः) ग्रीवा-गर्दन की नाड़ियों से (उष्णिहाभ्यः) कण्ठस्थ नाड़ियों से (कीकसाभ्यः) कण्ठ की हड्डियों से (अनूक्यात्) मेरुदण्ड सन्धिसंस्थान से (अंसाभ्याम्) कन्धों से (बाहुभ्याम्) भुजाओं से (ते) तेरे (दोषण्यं यक्ष्मम्) भुजाओं की नाड़ियों में होनेवाले रोग को (वि वृहामि) पृथक् करता हूँ ॥२॥
Connotation: - रोगी के भिन्न-भिन्न अङ्गों नाड़ीसंस्थानों अस्थिसंस्थानों में जो वातरोगादि बैठ जाता है, उसे भिन्न-भिन्न उपचारों और ओषधियों से दूर करना चाहिये ॥२॥
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HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

भुजाओं से रोग का निराकरण [दोषण्य दोष निराकरण]

Word-Meaning: - [१] हे व्याधिगृहीत पुरुष ! मैं (ते) = तेरी (ग्रीवाभ्यः) = गले में विद्यमान नाड़ियों से, (उष्णिहाभ्यः) = ऊपर की ओर जानेवाली धमनियों से, (कीकसाभ्यः) = अस्थियों से, (अनूक्यात्) = अस्थिसंधियों से (यक्ष्मम्) = रोग को (विवृहामि) = दूर करता हूँ । [२] (दोषण्यम्) = भुजाओं में होनेवाले (यक्ष्मम्) = रोग को दूर करता हूँ। और (अंसाभ्याम्) = हाथों के उर्ध्वभाग, अर्थात् कन्धों से तथा (बाहुभ्याम्) = हाथों के अधोभाग रूप भुजाओं से (ते) = तेरे रोगों को दूर करता हूँ ।
Connotation: - भावार्थ - ज्ञानी वैद्य भुजाओं के सब रोगों को दूर करता है ।
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BRAHMAMUNI

Word-Meaning: - (ते) हे रोगिन् ! तव (ग्रीवाभ्यः) ग्रीवप्रदेशेभ्यः (उष्णिहाभ्यः) कष्ठस्थनाडीभ्यः (कीकसाभ्यः) कण्ठस्यास्थिभ्यः (अनूक्यात्) मेरुदण्डसन्धिसंस्थानात् (अंसाभ्याम्) स्कन्धाभ्याम् (बाहुभ्याम्) भुजाभ्याम् (ते) तव (दोषण्यं यक्ष्मम्) भुजसंस्थानसम्बन्धिनं रोगम् (वि वृहामि) पृथक् करोमि ॥२॥
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DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - I remove the consumption, cancerous disease, from your throat, sinews, bones, spine, shoulders, arms and hands.