सु॒सं॒दृशं॑ त्वा व॒यं प्रति॑ पश्येम सूर्य । वि प॑श्येम नृ॒चक्ष॑सः ॥
English Transliteration
Mantra Audio
susaṁdṛśaṁ tvā vayam prati paśyema sūrya | vi paśyema nṛcakṣasaḥ ||
Pad Path
सु॒ऽस॒न्दृश॑म् । त्वा॒ । व॒यम् । प्रति॑ । प॒श्ये॒म॒ । सू॒र्य॒ । वि । प॒श्ये॒म॒ । नृ॒ऽचक्ष॑सः ॥ १०.१५८.५
Rigveda » Mandal:10» Sukta:158» Mantra:5
| Ashtak:8» Adhyay:8» Varga:16» Mantra:5
| Mandal:10» Anuvak:12» Mantra:5
Reads 515 times
BRAHMAMUNI
Word-Meaning: - (सूर्य) हे सूर्य ! (वयम्) हम (त्वा) तुझ (सन्दृशम्) सम्यक् दर्शनहेतु उदय होते हुए को (प्रति पश्येम) सम्मुख देखें (नृचक्षसः वि पश्येम) नरों में दर्शन समदर्शन रखनेवाले हम विगत होते हुए अस्त होते हुए को देखें ॥५॥
Connotation: - मानव उदयकाल से लेकर अस्तसमय तक सूर्य को देख सकें, नेत्रों की दर्शनशक्ति नष्ट न हो, ऐसा आहार, व्यवहार, विचार रखें तथा समदृष्टि रखें, पक्षपातदृष्टि न हो ॥५॥
Reads 515 times
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
प्रभु-भक्ति व सर्वहित
Word-Meaning: - [१] हे (सूर्य) = सबको कर्मों में प्रवृत्त करानेवाले प्रभो ! (सुसंदृशम्) = उत्तम दर्शनयोग्य (त्वा) = आपको (वयम्) = हम (प्रतिपश्येम) = प्रतिदिन देखनेवाले बनें, हम प्रतिदिन आपका ध्यान करें। अथवा प्रत्येक पदार्थ में हम आपकी महिमा को देखनेवाले बनें। [२] (नृचक्षसः) = मनुष्यों का ध्यान करनेवाले हम लोकहित के कर्मों में प्रवृत्त हुए हुए (विपश्येम) = प्रत्येक व्यक्ति को देखनेवाले हों, सभी का ध्यान करें। परिवार में, समाज में, राष्ट्र में, विश्व में सभी का हित करना हमारा उद्देश्य हो । वस्तुतः प्रभु-भक्त सब प्राणियों के हित में प्रवृत्त होता ही है। हम आपका उपासन करते हुए 'सर्वभूतहिते रता:' बनें।
Connotation: - भावार्थ- प्रभु-दर्शन की कामनावाले हम सबके हित में प्रवृत्त हों । सम्पूर्ण सूक्त दृष्टि शक्ति के ठीक करने के लिये उपायों का संकेत करता है। ठीक दर्शन यही है कि हम केवल अपना ध्यान न करें। व्यक्तियों के ध्यान के साथ समाज का भी ध्यान करें। इस वृत्ति के सन्तानों को जन्म देनेवाली माता 'शची' है, प्रज्ञापूर्वक कर्मों को करनेवाली है। यह 'पौलोमी' बनती है, [पुल्= to belothy] उच्च विचारोंवाली होती है तथा [ to be collectad togilts] समाहित वृत्तिवाली बनती है। यह 'शची पौलोमी' 'जयन्त' सन्तान को जन्म देती है, इसके सन्तान शत्रुओं को जीतनेवाले होते हैं। यह कहती है-
Reads 515 times
BRAHMAMUNI
Word-Meaning: - (सूर्य) हे सूर्य ! (वयं त्वा सन्दृशं प्रति पश्येम) वयं त्वां सम्यग्दर्शनहेतुमुद्यन्तं प्रतिमुखं सम्मुखं सन्तं पश्येम (नृचक्षसः-वि पश्येम) नृषु चक्षोर्दर्शनं परीक्षणं येषां ते वयं नृचक्षसो विपश्यास्तं यन्तं त्वां पश्येम ॥५॥
Reads 515 times
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - O refulgent Sun of blissful light, may we always see you, and again and again see you as high and higher divinity, and in your divine light see things worthy of being seen by humanity for our guidance.
