Go To Mantra
Viewed 511 times

स॒मा॒नयो॑जनो॒ हि वां॒ रथो॑ दस्रा॒वम॑र्त्यः। स॒मु॒द्रे अ॑श्वि॒नेय॑ते॥

English Transliteration

samānayojano hi vāṁ ratho dasrāv amartyaḥ | samudre aśvineyate ||

Mantra Audio
Pad Path

स॒मा॒नऽयो॑जनः। हि। वा॒म्। रथः॑। द॒स्रौ॒। अम॑र्त्यः। स॒मु॒द्रे। अ॒श्वि॒ना॒। ईय॑ते॥

Rigveda » Mandal:1» Sukta:30» Mantra:18 | Ashtak:1» Adhyay:2» Varga:31» Mantra:3 | Mandal:1» Anuvak:6» Mantra:18


SWAMI DAYANAND SARSWATI

फिर वे किस प्रकार के हैं, इस विषय का उपदेश अगले मन्त्र में किया है॥

Word-Meaning: - हे (दस्रौ) मार्ग चलने की पीड़ा को हरनेवाले (अश्विना) उक्त अश्वि के समान शिल्पकारी विद्वानो ! (वाम्) तुम्हारा जो सिद्ध किया हुआ (समानयोजनः) जिसमें तुल्य गुण से अश्व लगाये हों (अमर्त्यः) जिसके खींचने में मनुष्य आदि प्राणी न लगे हों, वह (रथः) नाव आदि रथसमूह (समुद्रे) जल से पूर्ण सागर वा अन्तरिक्ष में (ईयते) (अश्वावत्या) वेग आदि गुणयुक्त (शवीरया) देशान्तर को प्राप्त करानेवाली गति के साथ समुद्र के पार और वार को प्राप्त करानेवाला होता है, उसको सिद्ध कीजिये॥१८॥
Connotation: - इस मन्त्र में पूर्व मन्त्र से (अश्वावत्या) (शवीरया) इन दो पदों की अनुवृत्ति है। मनुष्यों की जो अग्नि, वायु और जलयुक्त कलायन्त्रों से सिद्ध की हुई नाव हैं, वे निस्सन्देह समुद्र के अन्त को जल्दी पहुँचाती हैं, ऐसी-ऐसी नावों के विना अभीष्ट समय में चाहे हुए एक स्थान से दूसरे स्थान को जाना नहीं हो सकता है॥१८॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

समविकास - अमर्त्यता व प्रभु - प्राप्ति

Word-Meaning: - १. हे (दस्त्रौ) - दोषों का क्षय करनेवाले प्राणापानो! (वाम्) - आप दोनों का यह (रथः) - शरीररूप रथ (हि) - निश्चय से (समानयोजनः) - समान योजनावाला है , अर्थात् इसमें सब अंगों का ठीक रूप से एक जैसा विकास किया गया है , इसमें मस्तिष्क , मन व शरीर सभी का समान रूप से विकास हुआ है । प्राणापान शरीर में बल का आधान करते हैं , मन को निर्मल बनाते हैं और मस्तिष्क को ज्योतिर्मय बना देते हैं ।  २. इस प्रकार यह रथ सम विकासवाला होते हुए (अमर्त्यः) - असमय में ही नष्ट नहीं हो जाता , यह रोगों का शिकार नहीं होता , अतः मृत्यु को प्राप्त नहीं होता  ३. हे (अश्विना) - प्राणापानो ! इस प्रकार यह शरीररूप रथ (समुद्रे) - सदा आनन्दयुक्त [स+मुद्] प्रभु में (ईयते) - गतिवाला होता है , अर्थात् हम इस शरीर द्वारा प्रभु को प्राप्त होनेवाले हों , इसी परमार्थ - साधन के लिए ही तो यह शरीर मिला है । शरीर की व हमारी सार्थकता इसी में है कि हम प्राणसाधना द्वारा प्रभु को पानेवाले बनें । 
Connotation: - भावार्थ - हम प्राणसाधना द्वारा शरीर , मन व मस्तिष्क - तीनों को उन्नत करें [समानयोजनः] । तभी यह शरीर रोगाक्रान्त होकर नष्ट हो जानेवाला न होगा [अमर्त्यः] और अन्त में यह शरीररूपी रथ हमें प्रभु तक पहुँचानेवाला बनेगा । 

SWAMI DAYANAND SARSWATI

पुनस्तौ कीदृशावित्युपदिश्यते॥

Anvay:

हे दस्रौ मार्गगमनपीडोपक्षेतारावश्विना अश्विनौ विद्वांसौ ! यो वां युवयोर्हि खलु समानयोजनोऽमर्त्यो रथः समुद्र ईयते यस्य वेगेनाश्वावत्या शवीरया गत्या समुद्रस्य पारावारौ गन्तुं युवां शक्नुतस्तं निष्पादयतम्॥१८॥

Word-Meaning: - (समानयोजनः) समानं तुल्यं योजनं संयोगकरणं यस्मिन् सः (हि) खलु (वाम्) युवयोः (रथः) नौकादियानम् (दस्रौ) गमनकर्त्तारौ (अमर्त्यः) अविद्यमाना आकर्षका मनुष्यादयः प्राणिनो यस्मिन् सः (समुद्रे) जलेन सम्पूर्णे समुद्रेऽन्तरिक्षे वा (अश्विना) अश्विनौ क्रियाकौशलव्यापिनौ। अत्र सुपां सुलुग्० इत्याकारादेशः। (ईयते) गच्छति॥१८॥
Connotation: - अत्र पूर्वस्मान्मन्त्रात् (अश्वावत्या) (शवीरया) इति द्वयोः पदयोरनुवृत्तिः। मनुष्यैर्यानि महान्त्यग्निवाष्पजलकलायन्त्रैः सम्यक् चालितानि नौकायानानि तानि निर्विघ्नतया समुद्रान्तं शीघ्रं गमयन्ति। नैवेदृशैर्विना नियतेन कालेनाभीष्टं स्थानान्तरं गन्तुं शक्यत इति॥१८॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Ashvins, generous and imaginative experts, indestructible is your chariot of balanced technology of velocity. It goes over the sea and soars into the sky, at the wanted speed and acceleration, for the wanted destination.

ACHARYA DHARMA DEVA VIDYA MARTANDA

How are the Ashvinau is further taught in the 18th Mantra.

Anvay:

O destroyers of the suffering of journey, O learned expert artists, your balanced Chariot or conveyance goes to the sea and the sky without men-drivers. Manufacture such a vehicle by whose speedy movement you can go to the end of the sea without any difficulty.

Word-Meaning: - ( समानयोजनः ) समान तुत्यं योजन संयोगकरण यस्मिन् सः = Balanced. ( अमर्त्यः ) अविद्यमाना आकर्षका मनुष्यादयः प्राणिनो यस्मिन् स: = Not driven by men. (समुद्रे ) जलेन सम्पूर्ण समुद्रेऽन्तरिक्षे वा = In the ocean or the firmament. ( अश्विनौ ) क्रियाकौशलव्यापिनौ । अत्र सुपांसुलुक् इत्याकारादेशः । = Experts in various arts.
Connotation: - Men can easily go to the end of the ocean with the steamers made with the proper combination of the fire, steam, water and machines. without such devices, it is not possible to reach the destination in fixed time.

MATA SAVITA JOSHI

N/A

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - या मंत्रात पूर्वीच्या मंत्राने (अश्ववत्या) (शवीरया) या दोन पदांची अनुवृत्ती होते. माणसांनी अग्नी व वायू आणि जलयुक्त कलायंत्रांनी सिद्ध केलेली नाव निस्संदेह समुद्राच्या पलीकडे पोहोचविते. अशा नावाशिवाय इच्छित अशा एका स्थानापासून दुसऱ्या स्थानी योग्यवेळी जाणे-येणे होऊ शकत नाही. ॥ १८ ॥