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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
सृष्टि की धारणविद्या का उपदेश।
Word-Meaning: - [सृष्टि में] (इन्द्राणी) इन्द्राणी [इन्द्र की पत्नी, सूर्य की धूप] (भसत्) कटिभाग, (वायुः) वायु (पुच्छम्) प्रसन्नता का साधन [वा पीछे का भाग] (पवमानः) शोधक पदार्थ [अग्नि जल आदि] (बालाः) [बालों अर्थात् केशों के समान आकारवाली] झाड़ुओं [कूर्चियों के समान हैं] ॥८॥
Connotation: - मन्त्र ७ के समान है ॥८॥
Footnote: ८−(इन्द्राणी) अ० १।२७।४। इन्द्रस्य पत्नी। सूर्यदीप्तिः (भसत्) अ० ४।१४।८। कटिभागः (पुच्छम्) पुच्छ प्रसादे-अच्, इति शब्दकल्पद्रुमः। प्रसन्नताकारणम्। पश्चाद्भागः (पवमानः) अ० ३।३१।२। संशोधकपदार्थः (बालाः) बाल-अर्शआद्यच्, टाप्। बालाः केशाकाराः अवयवाः सन्ति यासां ताः। कूर्च्यः ॥
