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तृणा॑नि॒ प्राप्तः॒ सोमो॒ राजा॑ ॥

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तृणानि । प्रऽआप्त: । सोम: । राजा ॥१२.२२॥

Atharvaveda » Kand:9» Sukta:7» Paryayah:0» Mantra:22


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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI

सृष्टि की धारणविद्या का उपदेश।

Word-Meaning: - [वह] (तृणानि) तृणों [सृष्टि के पदार्थों] में (प्राप्तः) प्राप्त होकर (राजा) सर्वशासक (सोमः) जन्मदाता है ॥२२॥
Connotation: - परमेश्वर ही सृष्टिकर्ता और सर्वनियन्ता है ॥२२॥
Footnote: २२−(तृणानि) अ० २।३०।१। तृणवत् सृष्टिवस्तूनि (प्राप्तः) व्याप्तः सन् (सोमः) उत्पादकः (राजा) सर्वशासकः ॥