Reads 39 times
PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
अतिथि के सत्कार का उपदेश।
Word-Meaning: - (एषः) वह [गृहस्थ] (वै) निश्चय करके (कीर्तिम्) कीर्ति (च च) और (यशः) यश [अर्थात् प्रताप] को... म० १ ॥५॥
Connotation: - गृहस्थ लोग अतिथि का तिरस्कार करने से महाविपत्तियों में फँसते हैं ॥२-६॥
Footnote: ५−(कीर्तिम्) प्रसिद्धिम् (यशः) प्रतापम् ॥
