Go To Mantra

दक्षि॑णाया दि॒शः शाला॑या॒ नमो॑ महि॒म्ने स्वाहा॑ दे॒वेभ्यः॑ स्वा॒ह्येभ्यः ॥

Mantra Audio
Pad Path

दक्षिणाया: । दिश: । शालाया: । नम: । महिम्ने । स्वाहा । देवेभ्य: । स्वाह्येभ्य:॥३.२६॥

Atharvaveda » Kand:9» Sukta:3» Paryayah:0» Mantra:26


Reads 57 times

PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI

शाला बनाने की विधि का उपदेश।[इस सूक्त का मिलान अथर्व काण्ड ३ सूक्त १२ से करो]

Word-Meaning: - (दक्षिणायाः दिशः) दक्षिण दिशा से.... म० २५ ॥२६॥
Connotation: - मनुष्यों को योग्य है कि पूर्वादि सब दिशाओं से पुष्कल अन्न आदि पदार्थ संग्रह करके शाला में रक्खें, जिस में विद्वान् लोग वेदों का विचार करते रहें ॥२५-३१॥
Footnote: २६−(दक्षिणायाः) अ० ३।२६।२। दक्षिणदिशासकाशात् ॥