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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
ब्रह्मविद्या का उपदेश।
Word-Meaning: - (ताम्) उसको (ऐरावतः) भूमिवालों के स्वभाव जाननेवाले (धृतराष्ट्रः) राज्य रखनेवाले पुरुष ने (अधोक्) दुहा है, (ताम्) उस से (एव) ही (विषम्) विष को (अधोक्) दुहा है ॥१५॥
Connotation: - नीतिकुशल लोग ईश्वरशक्ति से ही विष की विवेचना करते हैं ॥१५॥
Footnote: १५−(ताम्) विराजम् (धृतराष्ट्रः) धृतं राष्ट्रं येन। राज्यधारकः (ऐरावतः) ऋज्रेन्द्राग्र०। उ० २।२८। इण् गतौ−रन् निपात्यते। इरा मतुप्। तदधीते तद्वेद। पा० ४।२।५९। इरावत्-अण्। इरावतां भूमिवतां स्वभाववेत्ता (विषम्) अ० ४।६।१। शरीरनाशकं द्रव्यम्। अन्यत् पूर्ववत् ॥
