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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
ब्रह्मविद्या का उपदेश।
Word-Meaning: - (ताम्) उस [विराट्] को (अन्तकः) मनोहर करनेवाले (मार्त्यवः) मृत्यु के स्वभाव जाननेवाले [जीव] ने (अधोक्) दुहा है, (ताम्) उससे (स्वधाम्) आत्मधारण शक्ति को (एव) भी (अधोक्) दुहा है ॥७॥
Connotation: - मृत्यु के तत्त्ववेत्ता पुरुष ईश्वरमहिमा से अमृत [पुरुषार्थ] प्राप्त करके अमर होते हैं ॥७॥
Footnote: ७−(अन्तकः) अ० ८।१।१। मनोहरकरो जीवः (मार्त्यवः) तदधीते तद्वेद। पा० ४।२।५९। मृत्युस्वभाववेत्ता (ताम्) तस्याः सकाशात् इत्यर्थः (स्वधाम्) आत्मधारणशक्तिम् (अधोक्) द्विकर्मकः। दुग्धवान्। अन्यत् पूर्ववत् ॥
