Go To Mantra

सोद॑क्राम॒त्सा गार्ह॑पत्ये॒ न्यक्रामत्।

Mantra Audio
Pad Path

सा ।उत् । अक्रामत् । सा । गार्हऽपत्ये । नि । अक्रामत् ॥१०.२॥

Atharvaveda » Kand:8» Sukta:10» Paryayah:1» Mantra:2


Reads 49 times

PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI

ब्रह्म विद्या का उपदेश।

Word-Meaning: - (सा) वह [विराट्] (उत् अक्रामत्) ऊपर चढ़ी, (सा) वह (गार्हपत्ये) गृहपतियों से संयुक्त कर्म में (नि अक्रामत्) नीचे उतरी ॥२॥
Connotation: - उस विराट् ने प्रकट होकर जीवसम्बन्धी प्रत्येक व्यवहार में प्रवेश किया है ॥२॥
Footnote: २−(सा) विराट् (उत्) उपरि (अक्रामत्) पादं स्थापितवती (सा) (गार्हपत्ये) अ० ५।३१।५। गृहपतिभिः संयुक्ते कर्मणि (नि) नीचैः ॥