Reads 45 times
PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
ब्रह्म विद्या का उपदेश।
Word-Meaning: - [लोग] (अस्य) उसके (आमन्त्रणम्) अभिनन्दन में (यन्ति) जाते हैं, वह (आमन्त्रणीयः) अभिनन्दनयोग्य (भवति) होता है, (यः एवम् वेद) जो ऐसा जानता है ॥१३॥
Connotation: - ईश्वरज्ञानी पुरुष उच्च पद पाकर संसार में अभिनन्दनयोग्य होते हैं ॥१३॥
Footnote: १३−(आमन्त्रणीयः) आमन्त्रण-छ। अभिनन्दनीयः। अन्यत् पूर्ववत् ॥
