Reads 46 times
PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
ब्रह्म विद्या का उपदेश।
Word-Meaning: - [लोग] (अस्य) उसके (समितिम्) संग्राम में (यन्ति) जाते हैं, वह (सामित्यः) संग्रामयोग्य [शूर] (भवति) होता है, (यः एवम् वेद) जो ऐसा जानता है ॥११॥
Connotation: - परमेश्वर का विश्वासी पुरुष संग्राम में विजय पाता है ॥११॥
Footnote: ११−(सामित्यः) परिषदो ण्यः। पा० ४।४।१०१। समिति-ण्य, बाहुलकात्। संग्रामे साधुः। शूरः। अन्यत् पूर्ववत् ॥
